हरियाणा के पंचकूला जिले में स्थित रामगढ़ टेस्ट रेंज में 31 मई को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशाला टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) हाई कैलिबर बम का परीक्षण करने जा रही है। इस बड़े सैन्य ट्रायल को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के गांवों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों से निर्धारित समय के दौरान घरों के अंदर रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
जानकारी के अनुसार, यह परीक्षण 31 मई को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच रामगढ़ फायरिंग रेंज में किया जाएगा। ट्रायल के दौरान भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी, DRDO के वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। पूरे ऑपरेशन की निगरानी उच्च सुरक्षा मानकों के तहत की जाएगी।
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छर्रे से लोगों को खतरा
प्रशासन को भेजी गई आधिकारिक सूचना में बताया गया है कि परीक्षण के दौरान होने वाले विस्फोट से निकलने वाले धातु के टुकड़े और छर्रे काफी दूरी तक जा सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए रामगढ़ रेंज के आसपास के क्षेत्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा कारणों से कई गांवों को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी।
इन गावों में अलर्ट
अधिकारियों के अनुसार भानू, बिल्ला और आसपास के कुछ गांवों को विशेष रूप से अलर्ट किया गया है। इसके अलावा रामगढ़ क्षेत्र, टीएमवी कॉलोनी, आईटीबीपी कैंप और आसपास की बस्तियों तक भी सुरक्षा संबंधी निर्देश पहुंचाए गए हैं। स्थानीय लोगों से कहा गया है कि ट्रायल के दौरान खुले मैदान, खेतों और सड़कों पर जाने से बचें। मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
नियमत परीक्षण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एक नियमित और पूर्व निर्धारित रक्षा परीक्षण है। इसका किसी सुरक्षा खतरे, आपातकालीन स्थिति या युद्ध जैसी परिस्थिति से कोई संबंध नहीं है। ट्रायल का उद्देश्य रक्षा उपकरणों और विस्फोटक प्रणालियों की क्षमता का परीक्षण करना है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अनुसंधान का हिस्सा है।
रामगढ़ टेस्ट रेंज लंबे समय से DRDO और TBRL के महत्वपूर्ण परीक्षण केंद्रों में शामिल रही है। यहां विभिन्न प्रकार के विस्फोटक, बैलिस्टिक सिस्टम और रक्षा तकनीकों का परीक्षण किया जाता रहा है। यह क्षेत्र देश के प्रमुख रक्षा अनुसंधान स्थलों में माना जाता है, जहां उच्च सुरक्षा व्यवस्था के बीच सैन्य परीक्षण संपन्न होते हैं।
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लोगों से की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें। परीक्षण के दौरान तेज धमाकों की आवाज सुनाई दे सकती है, लेकिन यह पूरी तरह नियंत्रित और वैज्ञानिक निगरानी में किया जाने वाला ट्रायल होगा। अधिकारियों का कहना है कि घबराने या पैनिक फैलाने की कोई जरूरत नहीं है।
