महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त तुकाराम मुंढे सुर्खियों में बने हुए हैं। उन्होंने फूड सेफ्टी के नियमों का पालन कराने के लिए न सिर्फ कई फूड कंपनियों को नोटिस भेजा, बल्कि कई रेस्टोरेंट के खाने और सफाई की जांच-पड़ताल भी करवाई और लाइसेंस रद्द किए है। इन्हीं शानदार काम की वजह से मुबंई प्रेस क्लब ने कुछ पत्रकारों तुकाराम मुंढे सवाल किया था। इसी दौरान एक पत्रकार ने उन्हें हीरो बोला था, जिसके बाद तुकाराम मुंढे ने बताया कि वह हीरो नहीं हैं, बल्कि सिर्फ अपना काम करते हैं। इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

 

आईएस तुकाराम मुंढे को फूड सेफ्टी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसके बाद उन्होंने पूरे समर्पण के साथ काम किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फूड सेफ्टी के नियमों को लेकर FDA ने लगभग 3,000 से ज्यादा रेड की हैं। इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन को देखते हुए तुकाराम मुंढे ने 165 लाइसेंस रद्द किए हैं। अब सवाल उठता है कि तुकाराम मुंढे ने पत्रकारों को क्या बोले थे? आइए जानते हैं।

 

यह भी पढ़ें: बच्चे को डांट दिया था, उसके पिता ने स्कूल जाकर टीचर को बेल्ट से पीटा 

पत्रकारों को क्या बोले तुकाराम?

PTI के एक पत्रकार ने सवालों के बीच तुकाराम से कहा, 'सर, सबसे पहले मैं आपको शुक्रिया बोलती हूं। आपने हमारी लाइफ पहले से बेहतर की है। आपको बधाइयां क्योंकि आपने बेहद शानदार काम किया। आप हमारे लिए हीरो हैं, खास तौर पर आज की जैन जी जनरेशन के लिए आप हीरो हैं।' इसके बाद पत्रकार ने सवाल पूछते हुए कहा, 'मैं यह तो नहीं पूछूंगी कि कोई भी रेड किस तरह किया जाता है। मेरा सवाल यह होगा कि जब कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते पकड़ा जाता है, तो वे लोग अपने बचाव में क्या कहते हैं?'

इसके जवाब में तुकाराम ने कहा, 'यह सवाल मैं ऑफिसर से पूछता नहीं हूं कि लोग अपने बचाव में क्या कहते हैं। मैं यह पूछता हूं कि वहां क्या फैक्ट्स हैं। हम यह देखते हैं कि कानून क्या कहता है और क्या उसका पालन किया जा रहा है या नहीं। कुछ मीटिंग में अधिकारियों ने बताया कि जब वे लोगों के गोदाम की साफ-सफाई की जांच करने गए थे, तो गोदाम में बहुत सारे चूहे देखने को मिले। इस पर गोदाम मालिकों ने अधिकारियों को बताया कि ये हमारे पालतू चूहे हैं।'

 

यह भी पढ़ें: कर्नाटक की भूतनाल झील में मिली 6 लोगों की लाश, इलाके में मचा हड़कंप

तुकाराम ने पत्रकारों को साफ तौर पर कहा, 'मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मुझे जो भी काम सौंपा गया है, मैं उसे निभाने की कोशिश कर रहा हूं। कोई बड़ा काम नहीं, बस काम है। हम फूड सेफ्टी के नियमों को निभाने की कोशिश कर रहे हैं। हम जो कुछ भी खाते या खरीदते हैं,उसकी मैन्युफैक्चर डेट, एक्सपायर डेट और निर्माण के तरीके पर सवाल उठाए बिना ऐसी संभावना है कि हम कोई ऐसी चीज खरीद लें, जिसे हम अच्छा और बेहतर गुणवत्ता वाला समझते हैं, जबकि हकीकत में वह वैसा न हो। तो इसलिए मैं वह सब करने की कोशिश कर रहा हूं, जो मुझसे करना चाहिए।'