उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के बछरावां थाना क्षेत्र स्थित वन विभाग रेंज कार्यालय में तैनात वन दरोगा को लखनऊ एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता की सूचना पर की गई इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपी दरोगा पर लकड़ी के परमिट जारी करने के नाम पर घूस मांगने का आरोप है। गांव निवासी मोहम्मद सलमान ने लखनऊ एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की थी कि वन विभाग में तैनात दरोगा संजय कुमार यादव दो परमिट जारी करने के नाम पर 18 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप था कि कई दिनों से रकम मांगी जा रही थी और पैसे नहीं देने पर कार्रवाई की धमकी भी दी जा रही थी।

 

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले का सत्यापन कराया और कार्रवाई की योजना बनाई। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12:40 बजे मोहम्मद सलमान ने टीम के निर्देशानुसार आरोपी दरोगा को 18 हजार रुपये दिए। जैसे ही आरोपी ने रुपये लिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

 

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मुकदमा दर्ज, जांच शुरू

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बछरावां कोतवाली लाया गया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक वकील कुमार पांडे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रति परमिट 9 हजार रुपये के हिसाब से कुल 18 हजार रुपये घूस के तौर पर लिए जा रहे थे। वहीं बछरावां कोतवाली प्रभारी श्याम कुमार पाल ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

 

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विभाग में मची खलबली

वन विभाग कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों में खलबली मच गई। एंटी करप्शन अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच रायबरेली में हुई यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के लिए बड़ा संदेश मानी जा रही है।