हिमाचल प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ नेता, शाहपुर के पूर्व विधायक और पूर्व पर्यटन मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया का मंगलवार सुबह निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर से शाहपुर सहित पूरे कांगड़ा जिले और हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह मेजर विजय सिंह मनकोटिया की अचानक तबीयत बिगड़ गई।

परिजन उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाने की तैयारी में जुटे, लेकिन उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनका निधन हो गया। शुरुआती जानकारी में निधन का कारण दिल का दौरा बताया गया है। उनके निधन की सूचना मिलते ही शाहपुर क्षेत्र में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी उनके निधन पर शोक जताया।

चार दशक से ज्यादा लंबा रहा राजनीतिक सफर

मेजर विजय सिंह मनकोटिया का राजनीतिक सफर चार दशक से भी अधिक समय तक चला। वह शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय तक प्रमुख चेहरा रहे। वर्ष 1982 में उन्होंने शाहपुर से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पहला विधानसभा चुनाव जीता। बाद में वह कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े और प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वह शाहपुर से पांच बार विधायक रहे।

 

अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कांग्रेस, जनता दल और बहुजन समाज पार्टी सहित अलग-अलग राजनीतिक मंचों पर चुनाव लड़ा। वर्ष 2022 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। मेजर मनकोटिया हिमाचल प्रदेश सरकार में पर्यटन मंत्री भी रहे। वर्ष 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार में उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।

 

पर्यटन से जुड़े मामलों को लेकर भी वह सक्रिय रहे और प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखने वाले नेताओं में गिने जाते थे। राजनीतिक जीवन में उनके संबंध कई बार उतार-चढ़ाव से भी गुजरे। वीरभद्र सिंह के साथ उनके राजनीतिक मतभेद भी सार्वजनिक रहे, हालांकि बाद में उन्हें उनकी सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी मिली।

 

यह भी पढ़ें: एशियन गेम्स के हिमाचली सितारों पर 5.33 करोड़ की इनामी बारिश

कांग्रेस से बीजेपी तक बदला राजनीतिक सफर

मेजर मनकोटिया का राजनीतिक सफर किसी एक दल तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कांग्रेस से अपनी राजनीति शुरू की, बाद में जनता दल और बसपा से भी जुड़े और विभिन्न चुनावों में अलग-अलग राजनीतिक मंचों से मैदान में उतरे। 2017 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। 25 अक्तूबर 2022 को भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।

 

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में मनकोटिया की पहचान एक मुखर और प्रभावशाली नेता के रूप में रही। लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहने के कारण क्षेत्र के विभिन्न वर्गों में उनका राजनीतिक संपर्क रहा। उनके निधन से शाहपुर की राजनीति में एक ऐसा अध्याय समाप्त हो गया, जिसमें चार दशक से अधिक समय तक एक पूर्व सैनिक ने विधायक, मंत्री और राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी भूमिका निभाई।

 

मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन से हिमाचल की राजनीति ने अपने एक पुराने और चर्चित चेहरे को खो दिया है। उनके निधन की खबर के बाद समर्थक और राजनीतिक सहयोगी उन्हें उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और शाहपुर के लिए किए गए कार्यों के लिए याद कर रहे हैं।