गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाने की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। हिमांशु को अमेरिका में एफबीआई ने गिरफ्तार किया। जल्द ही उसे भारत डिपोर्ट किया जाएगा। इंटरपोल ने हिमांशु के खिलाफ वर्ष 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

 

हरियाणा पुलिस ने उस पर ढाई लाख रुपये तो दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये इनाम भी रखा हुआ था। हिमांशु भाऊ की गैंग ने ही 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। हिमांशु की लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग से दुश्मनी मानी जाती है।

 

बता दें कि मार्च 2022 में पांच दिन के भीतर तीन हत्याओं के बाद हिमांशु चर्चा में आया था। क्राइम की दुनिया में कदम रखते ही हिमांशु का पक्का दोस्त अंकित उर्फ बाबा उसका उस दौरान सबसे बड़ा दुश्मन बन गया। साल 2019 में कार को लेकर दोनों में विवाद हुआ था, जो बाद में खूनी संघर्ष में बदल गया था। ग्रामीण बताते हैं कि कभी अंकित और हिमांशु रोहत के गांव रिटौली में एक साथ पढ़ते थे। 

 

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क्राइम की दुनिया में दाऊद इब्राहिम नाम से पहचान

पढ़ाई के दौरान ही महज 17 साल की उम्र में हिमांशु ने रोहतक सब्जी मंडी इलाके में जबरन वसूली के लिए फायरिंग की थी। गिरफ्तारी के बाद उसे हिसार सुधार गृह भेजा गया था, जहां से वह 20 लड़कों के साथ फरार हो गया था। इसके बाद वह लगातार पुलिस की नजरों से बचता आ रहा था। इसके बाद लगातार वह क्राइम पर क्राइम करता गया। इस बीच उसने अपना ठिकाना झज्जर और दिल्ली बनाया।

 

यहां उसने कई वारदातों को अंजाम दिया। जिसके चलते उस पर 30 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हुए। दिल्ली में रहते हुए उसकी मुलाकात गैंगस्टर नीरज बवाना से भी हुई थी। दिल्ली और आसपास के इलाकों में उसे क्राइम की दुनिया का दाऊद इब्राहिम कहा जाने लगा।

 

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पक्के दोस्त से इस कारण हुई दुश्मनी

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में रिटौली गांव निवासी हंसराज उर्फ हंसे ने बस खरीदी थी, जिसे मार्ग पर चलाने के दौरान विवाद होने के कारण हंसे ने हिमांशु से सुरक्षा मांगी तो हिमांशु ने कार की डिमांड की थी। अंकित के परिवार के दस्तावेज पर कर्ज लेकर कार खरीदी थी।

 

कुछ समय बाद हंसे ने कार की किश्तें भरनी बंद कर दी थीं। बैंक कर्मचारी जब कर्ज की वसूली के लिए अंकित के घर पहुंचे तो उसके परिजनों ने हिमांशु पक्ष से कार वापस मांगी। कार नहीं मिलने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया और दोस्ती दुश्मनी में बदल गई थी। इसके बाद दोनों ने अपने-अपने गिरोह बनाए और एक-दूसरे के करीबियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इस बीच अंकित के चाचा अनिल की हत्या के बाद रंजिश और बढ़ गई। कार विवाद पर हिमांशु ने अंकित के भाई सन्नी पर गोली चला दी थी।

 
दोनों गिरोहों के बीच बढ़ती रंजिश में दो मार्च 2022 को हिमांशु के चाचा अशोक उर्फ शोकी के बेटे रोहित उर्फ बजरंग की हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपियों को पकड़ने की कोशिश करने वाले गांव के राजेंद्र उर्फ माडू को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। सात मार्च को हिमांशु गिरोह ने गांव के बस अड्डे पर बस में घुसकर हंसराज उर्फ हंसे की भी हत्या कर दी थी। अंकित उर्फ बाबा को वर्ष 2023 में गिरफ्तार किया गया था और वह तब से जेल में बंद है।

 

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फर्जी पासपोर्ट से भागा था पुर्तगाल

बता दें कि करीब एक महीने पहले दिल्ली के आया नगर में जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में और एक कार शोरूम पर गोलीबारी जैसी संगीन वारदातों में भी भाऊ गैंग का नाम सामने आया था।


लगातार वारदातों में नाम आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उस पर कड़ी निगरानी रखनी शुरू कर दी थी। एजेंसियों को पहले उसके पुर्तगाल में होने का इनपुट मिला था, लेकिन बाद में उसकी सटीक लोकेशन अमेरिका के लॉस वेगास में मिली थी। इसके बाद पुलिस लगातार उस पर नजर बनाए हुए थे। इसी बीच अमेरिकी पुलिस ने गुरूवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि साल 2022 में हिमांशु फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से पुर्तगाल भाग गया था। इसके बाद वहां से अमेरिका गया था।