बीते कुछ दिनों में ही बिहार में एक ही तरह की तीसरी घटना सामने आई है। जमुई और समस्तीपुर के बाद अब बांका में लड़की से बदसलूकी करने और वीडियो बनाने की घटना सामने आई है। इस केस में पुलिस ने 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके उनकी तलाश शुरू कर दी है। यह घटना बांका में स्थित मंदार पर्वत की बताई गई है। यह वीडियो भी कई हफ्ते पुराना है लेकिन अब वायरल होने के बाद इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।

 

इस वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर से बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इससे पहले भी बिहार में तमाम विपक्षी दलों ने राज्य की नेशनल डेमोक्रैटिक अलायंस (NDA) सरकार पर सवाल खड़े किए थे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से जमुई कांड की पीड़ता का फोटो शेयर किए जाने पर भी तीखा हमला बोला है।

 

इस घटना के बारे में बौंसी थाने के SHO पंकज कुमार झा ने बताया है कि वायरल वीडियो के आधार पर कम से कम 6 अज्ञात लड़कों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उनके मुताबिक, ये लोग बांका जिले के मंदार पर्वत पर एक लड़की से बदसलूकी कर रहे थे।

 

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वीडियो में क्या है?

कुछ पोस्ट में इस वायरल वीडियो को 3 सितंबर का बताया जा रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कम उम्र के कुछ लड़कों ने एक लड़के और एक लड़की को पकड़ रखा है। लड़कों के हाथ में डंडे और चप्पल हैं और वे उनसे सवाल-जवाब कर रहे हैं। इस घटना के ज्यादातर वीडियो में अलग-अलग गाने लगाए गए हैं इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि क्या बातचीत हो रही है। हालांकि, इतना अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें परेशान किया जा रहा है और लड़की से भी बदसलूकी की जा रही है।

 

वीडियो में देखा जा सकता है एक लड़के ने लड़की के साथ आए लड़के का गिरेबान पकड़ रहा है। एक दूसरे लड़के ने लड़की का हाथ पकड़कर ऐंठ रखा है। फिलहाल, इस केस में अभी तक किसी भी आरोपी को पकड़ा नहीं गया है लेकिन पुलिस तलाश में जुटी हुई है।

क्यों मशहूर है मंदार पर्वत?

बता दें कि बांका जिले का मंदार पर्वत लगभग सात सौ फीट ऊंचा है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के हिसाब से मानें तो यह पर्वत समुद्र मंथन से संबंध रखता है। यहां कई हिंदू मंदिर, जैन मंदिर, कई तालाब और आकर्षण के कई ऐसे केंद्र हैं जिनके लिए लोग दूरदराज से यहां आते हैं।

 

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मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन करने के लिए इसी पर्वत का इस्तेमाल पत्थर के तौर पर किया गया था और भगवान विष्णु ने कछुए का अवतार लेकर इस पत्थर को अपनी पीठ पर रख लिया था। यहीं पर पाप हरणी सरोवर है जिसके बारे में मान्यता है कि इसमें स्नान करने से पाप धुल जाते हैं।

 

हिंदू धर्म के अलावा, जैन धर्म के लोगों के लिए भी यह क्षेत्र आस्था का केंद्र है। जैनों की मान्यता है कि उनके 12वें तीर्थंकर यानी भगवान वासुपूज्य ने यहीं पर निर्माण प्राप्त किया था। यही वजह है कि यहां पर हर दिन हजारों पर्यटक आते हैं।