ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में आग लगने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 23 सितंबर की देर रात हुए इस भीषण हादसे में 9 यात्रियों की मौत हुई, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए। अब इस मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। यात्रियों की शिकायत पर दर्ज FIR में खुलासा हुआ है कि यात्रियों ने आग लगने से पहले ही बस के ड्राइवर और कंडक्टर को जलने की तेज बदबू और आग लगने की आशंका के बारे में बताया था, लेकिन ड्राइवर ने इस गंभीरता से नहीं किया। ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर कहा कि मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे। पुलिस ने यात्री की शिकायत पर अब ड्राइवर और कंडक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। 

 

यह हादसा 23 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे हुआ। दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की बस यमुना एक्सप्रेसवे पर करीब 33 किलोमीटर पर पहुंची, तो बस हादसे का शिकार हुई। इस हादसे से पहले यात्रियों ने संभावित खतरे को लेकर बस ड्राइवर और कंडक्टर को अलर्ट किया था। हालांकि, उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कुछ समय बाद यह दर्दनाक हादसा हो गया। 

 

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ड्राइवर को किया अलर्ट

इस मामले में बस में सवार यात्री सुनील कुमार ने ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के अनुसार, जब बस एक्सप्रेसवे पर जा रही थी तो कुछ यात्रियों को ड्राइवर केबिन की तरफ से जलने की तेज बदबू महसूस हुई। यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी और बस रोककर जांच करने के लिए कहा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ड्राइवर ने यात्रियों की चिंता को गंभीरता से नहीं लिया।

 

सिगरेट पीने का भी आरोप

एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि यात्रियों के चेताने के बावजूद ड्राइवर और कंडक्टर बस के केबिन में बीड़ी-सिगरेट पीते रहे। इससे पहले यात्रियों ने कथित तौर पर बस के अंदर सिगेट पीने पर भी आपत्ति जताई थी। यात्रियों की आपत्ति पर ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर उनकी बात को हंसी में उड़ा दिया और उन्हें चुप रहने के लिए कहा। 

शिकायत पर भी नहीं रोकी बस

सिगरेट पीने पर आपत्ति और बदबू आने की शिकायत के कुछ समय बाद ही ड्राइवर की सीट के पास अचानक आग की लपटें दिखाई देने लगीं। बस के अंदर मौजूद यात्रियों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाना शुरू किया और ड्राइवर से तत्काल बस रोकने की मांग की। 


यात्री सुनील ने ड्राइवर-कंडक्टर पर आरोप लगाया कि यात्रियों ने शोर मचाकर ड्राइवर से बस रोकने के लिए कहा, लेकिन ड्राइवर-कंडक्टर सवारियों को धमकाने लगे। उन्होंने कहा, 'मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे।' यात्री ने बताया कि तब तक आग तेजी से बस के चारों ओर फैल गई और बस के अंदर धुआं भर गया।

 

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ड्राइवर और कंडक्टर हिरासत में

मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब धुआं बढ़ने लगा और आग तेजी से फैलने लगी, तब यात्रियों ने खुद बचाव की कोशिश शुरू की। कुछ लोगों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास किया और दूसरे यात्रियों को भी बाहर निकालने की कोशिश की। कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। 

 

इस हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, मौतें जलने और दम घुटने के कारण हुईं। कई घायल यात्रियों को जेवर के कैलाश अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। हादसे के बाद पुलिस ने यात्री की शिकायत पर बस के ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस यात्रियों के बयान, बस की स्थिति तथा हादसे से जुड़े दूसरे सबूतों की जांच कर रही है।