हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) के कई कर्मचारियों को बड़ी राहत की खबर सामने आई है। इस पोर्टल से करीब 10 हजार कर्मचारियों के नाम गायब हो गए थे और नाम पोर्टल से हटने के कारण वेतन रुक गया था। अब हरियाणा सरकार की ओर से HKRNL को इस मामले में स्पष्टीकरण भेजा गया है। इसके बाद उम्मीद है कि पोर्टल से गायब हुए कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन जारी किया जाएगा।
दैनिक सवेरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला उस समय सामने आया था, जब HKRNL के पोर्टल से 10 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के नाम गायब हो गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय कुल 13,906 कर्मचारियों के नाम पोर्टल से गायब हुए थे। बाद में इनमें से करीब 10 हजार कर्मचारियों के नाम दोबारा पोर्टल पर बहाल यानी रिस्टोर हो गए।
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अब मिलेगा रुका हुआ वेतन?
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल करीब 14 हजार कर्मचारियों का नाम HKRNL पोर्टल से गायब हो गए थे। इनमें से करीब 10 हजार कर्मचारियों के नाम बाद में दोबारा पोर्टल पर रिस्टोर कर दिए गए। इस दौरान नाम पोर्टल पर नहीं होने के कारण कर्मचारियों के वेतन संबंधी रिकॉर्ड तैयार करने में परेशानी आ रही थी और उनका वेतन भी कुछ महीने के लिए रुक गया था। नाम रिस्टोर होने के बाद उन्हें वेतन मिलने लगा लेकिन रुका हुआ वेतन कर्मचारियों को नहीं मिला। अब बताया जा रहा है कि सरकार इन कर्मचारियों को करीब साढे तीन महीने का रुका हुआ वेतन दे सकती है। क्योंकि इस दौरान ये कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे थे।
क्यों हटे थे नाम?
सरकार की ओर से बताया गया कि परिवार पहचान पत्र अपडेट नहीं होने के कारण कुछ कर्मचारियों के नाम पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहे थे। कर्मचारियों की पीपीपी अपडेट किए जाने के बाद उनके नाम दोबारा पोर्टल पर आने लगे। नाम पोर्टल पर वापस आने के बाद करीब 10 हजार कर्मचारियों को फिर से काम मिला और उसके बाद से उनका वेतन भी शुरू हो गया। लेकिन जिन दिनों उनका नाम पोर्टल से गायब था, उस अवधि के वेतन का मामला अभी भी लंबित रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों को करीब छह महीने तक वेतन नहीं मिला। कर्मचारियों का कहना था कि जब उनका नाम पोर्टल पर नहीं था तो उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा था। बाद में नाम पोर्टल पर वापस आने और काम शुरू होने के बाद वेतन तो मिलने लगा, लेकिन पहले की अवधि का बकाया भुगतान नहीं हुआ। इस मामले में संबंधित विभागों, बोर्डों और निगमों की ओर से HKRNL को पत्र भी लिखे गए। करीब तीन महीने तक पत्र लिखे जाने के बावजूद कर्मचारियों के बकाया वेतन का फैसला नहीं हो पाया।
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11 मई को मुख्य सचिव को भेजा गया पत्र
रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्मचारियों के बकाया वेतन को लेकर 11 मई 2026 को मुख्य सचिव को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। पत्र में पूछा गया था कि जिन कर्मचारियों का नाम पोर्टल से गायब होने के कारण वेतन नहीं मिला, उन्हें उस अवधि का भुगतान किस तरह किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में यह भी सवाल उठाया गया था कि करीब 125 से 135 दिनों की उस अवधि के वेतन का क्या होगा, जब कर्मचारियों के नाम पोर्टल पर नहीं थे। अब सरकार की ओर से भेजे गए स्पष्टीकरण में कहा गया है कि यदि कर्मचारियों का नाम पोर्टल से गायब होने के कारण वेतन नहीं मिला है और बाद में उनका नाम दोबारा पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है, तो उस अवधि के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों के नाम पोर्टल पर वापस आने के बावजूद इस अवधि के वेतन को लेकर अभी तक अंतिम फैसला नहीं हो पाया था। इसी वजह से कर्मचारियों को अपने बकाया वेतन का इंतजार करना पड़ रहा था। अब सरकार की तरफ से HKRNL को स्पष्टीकरण भेजे जाने के बाद उन कर्मचारियों के बकाया वेतन को लेकर रास्ता साफ होने की उम्मीद है, जिनके नाम पोर्टल से गायब होने के कारण वेतन रुक गया था।
