पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से स्टे मिलते ही बिजली वितरण निगम ने तुरंत प्रभाव से दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसके तहत कर्मचारियों को न तो वर्तमान पोस्टिंग से रिलीव नहीं किया जाएगा और पहले पहले रिलीव हो चुके कर्मियों को भी तुरंत प्रभाव से वापस ड्यूटी पर लेने के आदेश दिए गए हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HPSC) की विज्ञापन संख्या 03/2023 के तहत जारी री-शफलिंग/पद बदलाव घोषणा पत्र पर स्टे दी है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम हाई कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में करते हुए तुरंत प्रभाव से निर्देश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों से बिजली निगम के कर्मियों को हाई कोर्ट से राहत मिली है।
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अवसर नहीं देने का लगाया था अरोप
कोर्ट में याचिकाकतार्ओं ने बताया कि उनका चयन फरवरी 2024 में विज्ञापन संख्या 03/2023 के तहत हुआ था। करीब 27 महीने बाद 18 मई 2026 को आयोग द्वारा घोषणा पत्र जारी किया गया और बिना कोई अवसर दिए प्रशासनिक स्तर पर उनके पद में बदलाव कर दिया गया। जिसके बाद कोर्ट की तरफ रुख किया गया।
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कर्मियों की मांगी सूची
मामले में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ की बेंच ने इस घोषणा पत्र के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले में स्टे आॅर्डर प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को अगले आदेश तक वर्तमान तैनाती स्थल से रिलीव न करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिन कर्मचारियों को पहले ही रिलीव कर दिया गया था, उन्हें तुरंत वापस ड्यूटी पर जॉइन करवाने के भी निर्देश जारी हुए हैं। इन कर्मियों की सूची भी मांगी गई है।
