हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी सदस्यों की लंबे समय से चली आ रही मांग को मंजूरी दे दी है। अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों और फैकल्टी को एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 15 दिन की अकादमिक छुट्टी मिल सकेगी। इसमें AIIMS चमियाना (शिमला) और राजकीय डेंटल कॉलेज, शिमला के फैकल्टी सदस्य भी शामिल हैं।

 

डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर अकादमिक छुट्टी की मांग रखी थी। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए अब इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

 

यह भी पढ़ें: सोने के कड़े नहीं बनाए तो कोर्ट ने ज्वैलर्स पर ठोका जुर्माना, देने होंगे 35 हजार

किन कामों के लिए मिलेगी अकादमिक छुट्टी?

सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, फैकल्टी सदस्य अकादमिक छुट्टी का इस्तेमाल परीक्षा ड्यूटी, निरीक्षण, कॉन्फ्रेंस और विश्वविद्यालय या अन्य संस्थानों की ओर से आयोजित होने वाली दूसरी अकादमिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए कर सकेंगे। इसके अलावा राज्य से बाहर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग (NDC) से जुड़े निरीक्षण कार्यों में शामिल होने के लिए भी यह छुट्टी ली जा सकेगी।

 

नोटिफिकेशन में यह भी साफ किया गया है कि अकादमिक छुट्टी के दौरान होने वाले यात्रा भत्ते (TA), दैनिक भत्ते (DA) या किसी अन्य खर्च का भुगतान राज्य सरकार की ओर से नहीं किया जाएगा। यानी फैकल्टी को अकादमिक काम के लिए छुट्टी तो मिलेगी लेकिन यात्रा और अन्य खर्च उन्हें खुद वहन करने होंगे।

 

यह भी पढ़ें: बिहार: मढ़ौरा चीनी मिल को तरैया शिफ्ट करने पर विरोध, होगा धरना-प्रदर्शन

NMC-NDC की ड्यूटी को माना जाएगा सरकारी काम

सरकार ने यह भी साफ किया है कि राज्य के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में NMC या NDC के परीक्षक या निरीक्षक के तौर पर सेवाएं देने वाले फैकल्टी सदस्यों को ड्यूटी पर माना जाएगा। इसमें AIIMS चमियाना (शिमला) के फैकल्टी सदस्य भी शामिल हैं। सरकार के इस फैसले से मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के फैकल्टी सदस्यों को अकादमिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए अलग से छुट्टी लेने की परेशानी कम होगी।