हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के शिक्षकों से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों को लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (HPUTA) ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, शिक्षकों की पदोन्नति और सेवानिवृत्ति आयु समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। बैठक में खास तौर पर विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम विधेयक, लंबित कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संघ की ओर से उठाए गए मुद्दों को सुनते हुए 1 अक्टूबर के बाद इन विषयों पर विस्तृत चर्चा करने का आश्वासन दिया।
HPUTA ने शिक्षकों के लंबे समय से लंबित कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के मामलों को प्रमुखता से उठाया। संघ के अनुसार कई शिक्षक निर्धारित पात्रता और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर चुके हैं, लेकिन उनके पदोन्नति संबंधी मामलों का अभी तक निपटारा नहीं हो पाया है। संघ ने मुख्यमंत्री से इन मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने का आग्रह किया।
HPUTA का कहना है कि पदोन्नति से जुड़े मामलों के समाधान से पात्र शिक्षकों को उनका सेवा लाभ मिलने के साथ विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। विश्वविद्यालय शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। HPUTA ने मांग की कि शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए। संघ ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से सेवाएं दे रहे वरिष्ठ शिक्षकों के पास शिक्षण, शोध और प्रशासनिक कार्यों का व्यापक अनुभव है। ऐसे अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का अतिरिक्त पांच वर्षों तक लाभ विश्वविद्यालय को मिल सकता है।
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संशोधन विधेयक पर स्वायत्तता को लेकर चिंता
HPUTA ने विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम विधेयक से जुड़े प्रावधानों पर भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी चिंताएं रखीं। संघ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और वित्तीय स्वायत्तता विश्वविद्यालय के स्वतंत्र एवं प्रभावी संचालन के लिए महत्वपूर्ण है। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि विश्वविद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों पर शिक्षकों समेत सभी प्रमुख हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।
संघ ने विश्वविद्यालय की स्वायत्त प्रकृति और शैक्षणिक गरिमा को बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने HPUTA प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 1 अक्टूबर के बाद इन सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और संबंधित मामलों पर आवश्यक विचार-विमर्श किया जाएगा। अब शिक्षकों की नजर आगामी बैठक पर है, जहां CAS, सेवानिवृत्ति आयु और विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक जैसे मुद्दों पर आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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ये शिक्षक रहे प्रतिनिधिमंडल में
HPUTA प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष प्रो. यशवंत सिंह हांटा, महासचिव डॉ. विनय शर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. अंजना ठाकुर, प्रवक्ता डॉ. रजिया सुल्तान तथा कार्यकारिणी सदस्य डॉ. उषा रानी, डॉ. देवराज शर्मा, डॉ. संग्राम सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. मनीष और डॉ. महेंद्र शामिल रहे। HPUTA ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिनिधिमंडल को समय देने और शिक्षकों की समस्याओं को सुनने के लिए आभार जताया। संघ ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षकों के हितों, शैक्षणिक गुणवत्ता और संस्थान की स्वायत्तता से जुड़े विषयों को उचित मंचों पर उठाने का सिलसिला जारी रहेगा।
