वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल पर अब गाज गिरी है। राजस्थान सरकार ने फिलहाल उन्हें वेटिंग लिस्ट यानी अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स (APO) वाली लिस्ट में डाल दिया है। कई अहम विभाग संभाल रहे शिखर अग्रवाल पर एक ही कंपनी से 40 विला खरीदने के आरोप लगे थे। अब तक कई अहम विभागों में तैनात शिखर अग्रवाल को सभी पदों से हटाते हुए वेटिंग लिस्ट में रखा गया। इसी केस में उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर का भी नाम सामने आया था। प्रशाखा माथुर फिलहाल ADG हैं और जयपुर में स्थित पुलिस मुख्यालय में तैनात हैं।
उद्योग विभाग में अडिशनल चीफ सेक्रेटरी रहे शिखर अग्रवाल और उनके परिवार के बारे में छपी एक मीडिया रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है। साल 1993 बैच के IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ हुई इस कार्रवाई के लिए 'प्रशासनिक कारण' बताया गया है। बता दें कि वह इंडस्ट्रीज, MSME, दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कोरिडोर (DMIC) औऱ भिवाड़ी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट अथारिटी जैसे अहम विभाग संभाल रहे थे।
यह भी पढ़ें: मोदी की रैली रोकी, अखिलेश ने CMO में रखा; फिर चर्चा में आए प्रांजल यादव कौन हैं?
कहां फंसे शिखर अग्रवाल?
हाल ही में दैनिक भास्कर अखबार ने 27 अक्तूबर को एक खबर छापी थी। इस खबर के मुताबिक, शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर ने एक ही कंपनी से 40 कॉटेज विला खरीदे। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ साल में ये सारे कॉटेज विला विला गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड से खरीदे गए। इनमें से 20 विला अलवर के अजबगढ़ में खरीदे गए और 20 कॉटेज उदयपुर के बुझड़ा में खरीदे गए।
यह भी पढ़ें: MLC Election Result Update: 4 राज्यों की 28 सीटें, कहां, कौन जीता? सब जानिए
आरोप है कि इसके लिए कुल 6.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए। साथ ही, ये उसी कंपनी को लीज पर भी दे दिए गए जिससे इन्हें खरीदा गया। इस तरह लीज के बदले सालाना 1.8 करोड़ रुपये का किराया भी मिलने लगा। इन संपत्तियों की जानकारी सालाना प्रापर्टी रिटर्न में नहीं देने के भी आरोप हैं। इस पर शिखर अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने जानकारी दी थी लेकिन इसे अपडेट नहीं किया गया है।
