भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से टकराव की स्थिति पैदा हो गई है लेकिन इस बार यह टकराव बॉर्डर पर नहीं है। आज दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन के बाहर अधिकारियों ने बैरिकेड और कुछ अवैध ढांचे बुलडोजर से हटा दिए। अधिकारियों के मुताबिक, ये ढांचे हाई कमीशन परिसर के लिए मंजूर सीमा से बाहर बनाए गए थे। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ समय से रिश्ते बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
बता दें कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान ने अपनी राजधानी इस्लामाबाद में स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड और पार्किंग पोल हटाए गए थे। इसके दो दिन बाद अब भारत ने भी पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर अवैध ढांचे पर बुलडोजर चला दिया है। भारत की ओर से की गई इस कार्रवाई को अब 'टिट-फॉर-टैट' यानी 'जैसे को तैसा' कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
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वीजा सेक्सन के पास के ढांचे हटाए
अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी हाई कमीशन की इमारत या इसके गेट को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। हाई कमीशन के बाहर सड़क किनारे बने बैरिकेड, ढांचे और वीजा सेक्शन के पास लोगों की कतार संभालने के लिए लगाए गए इंतजामों को हटाया गया है। मौके से सामने आई तस्वीरों में टूटे हुए लोहे के बैरिकेड, गेट, ईंटें और कंक्रीट का मलबा दिखाई दिया। हालांकि, इमारत और मेन गेट पूरी तरह सुरक्षित है।
मेन गेट सुरक्षित
इस बुलडोजर कार्रवाई के दौरान वीजा सेक्शन के पास लगे उस ढांचे को भी हटा दिया गया है जिसे लाइनों में भीड़ को मैनेज करने के लिए लगाया गया था। मौके पर वीजा आवेदन जमा करने और पासपोर्ट से जुड़े काउंटर दिखाई दे रहे थे। मेन गेट को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। वहीं, हाई कमीशन की मुख्य इमारत के आसपास लगी कुछ सुरक्षा व्यवस्था और कंटीले तारों की बाड़ रखी गई है।
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दोनों देशों के बीच तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले एक साल से रिश्ते काफी तनावपूर्ण हैं। मौजूदा तनाव की शुरुआत अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद और बढ़ गई। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और इसके जवाब में भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों देशों के बीच करीब 87 घंटे तक सैन्य तनाव रहा। इसके बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ। इस घटनाक्रम के बाद से रिश्ते काफी तनावपूर्ण होते गए। इसके बाद भारत ने सिंधु जल संधि को रोक दिया। भारत का कहना था कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक यह फैसला जारी रहेगा।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने कई और कदम उठाए। नई दिल्ली ने पाकिस्तानी सैन्य सलाहकारों को देश से बाहर कर दिया, अटारी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद कर दिया और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए बिना वीजा भारत आने की सुविधा खत्म कर दी। साथ ही, दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी गई। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया और जमीन के रास्ते होने वाली सीमा क्रॉसिंग को भी अपनी तरफ से बंद कर दिया।
