उत्तर प्रदेश के आगरा में UGC के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सवर्ण समाज और करणी सेना के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। करीब 300 प्रदर्शनकारी SDM कार्यालय की तरफ मार्च कर रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।

 

इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। आरोप है कि एक इंस्पेक्टर ने खुद प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। मौके पर मौजूद ACP ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं रुके। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

 

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क्या है पूरा मामला?

प्रदर्शनकारी UGC के नए नियमों के विरोध में SDM कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसी बात को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस होने लगी। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। झड़प के दौरान एक इंस्पेक्टर सड़क पर गिर गए। इसके बाद पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किया गया। स्थिति बिगड़ती देख आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया।

 

चश्मदीदों के मुताबिक, झड़प के दौरान एक इंस्पेक्टर ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर अकेले ही लाठी चलानी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद ACP ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उनकी बात नहीं मानी और उनके सामने भी लाठीचार्ज जारी रखा। हालात बिगड़ने पर इंस्पेक्टर खुद सुरक्षा के लिए वकीलों के चैंबर में चले गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने चैंबर का गेट बंद कर दिया।

 

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प्रदर्शनकारियों ने किया हाईवे पर धरना

पुलिस कार्रवाई से नाराज प्रदर्शनकारियों ने बाद में आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की लेकिन उन्होंने कहा कि जब तक लाठीचार्ज करने वाले इंस्पेक्टर को हटाया नहीं जाता उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया और स्थिति को नियंत्रित किया गया।