महंगे इलाज के चक्कर में अक्सर कई परिवार अपनी सारी जमापूंजी गंवा देते हैं। कई बार सारी जमापूंजी भी काफी नहीं होती है। ऐसी ही स्थिति से जूझ रही 11वीं कक्षा की एक लड़की के लिए केरल के लोग सामने आए हैं। लोगों ने ओणम के त्योहार के दौरान फूलों की बिक्री को क्राउड फंडिंग कैंपेन में बदल दिया है। इस लड़की के इलाज के लिए 30 लाख रुपये चाहिए और अब सब लोग मिलकर फूल बेच रहे हैं ताकि बच्ची के लिए पैसे जुटाए जा रहे हैं। कई लोगों ने उस लड़की को अपनी किडनी डोनेट करने की भी पेशकश की है।
कन्नूर के चाला के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 11वीं कक्षा की छात्रा श्रीदेवीना किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसे हफ्ते में तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है। उसके इलाज से परिवार पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है और किडनी ट्रांसप्लांट एवं उसके बाद की देखभाल के लिए करीब 30 लाख रुपये की जरूरत है। स्थानीय युवाओं के एक ग्रुप ‘चाला चांग्स’ ने पैसे जुटाने के लिए स्थानीय लोगों और व्यापारियों के साथ मिलकर अभियान शुरू किया है। ओणम के दौरान फूलों की बिक्री इस अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है।
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पूरे पैसे बच्ची के इलाज के लिए दिए जाएंगे
चाला में अलग-अलग स्थानों पर लगाई गई दुकानों पर बिक्री के लिए कर्नाटक और अन्य स्थानों से करीब ढाई लाख रुपये के फूल मंगाए गए हैं। समूह के सदस्य बशीर ने पत्रकारों से कहा, ‘हम पहले नियमित कारोबार करते थे लेकिन इस बार हमने इस बच्ची की खातिर मुनाफे के बारे में नहीं सोचा है।’ उन्होंने कहा कि केवल मुनाफा नहीं बल्कि फूलों की बिक्री से मिलने वाली पूरी राशि श्रीदेवीना के इलाज पर खर्च की जाएगी। बता दें कि कि़डनी ट्रांसप्लांट के लिए पैसे जुटाने के मकसद से एक स्थानीय समिति गठित किए जाने के बाद यह पहल शुरू की गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ लोग किडनी डोनेट करने की इच्छा भी जता चुके हैं।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, ‘यहां जाति, धर्म या राजनीति की कोई बात नहीं है। सभी लोग इस बच्ची की जान बचाने के एक ही उद्देश्य से साथ आए हैं।’ इस ग्रुप के सदस्यों के अनुसार, चाला और कन्नूर के अन्य हिस्सों में फूलों की और दुकानें लगाई जा रही हैं और युवा एवं स्थानीय लोग बारी-बारी से इन्हें संभाल रहे हैं। इस ग्रुप के एक सदस्य ने कहा, ‘हम छात्रा के इलाज के लिए धन जुटाने के मकसद से पायसम (खीर) भी बेच रहे हैं। पूरी कोशिश की जा रही है कि उसे उचित इलाज मिले और वह अगले साल हमारे साथ खुशी-खुशी ओणम मना सके।’
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स्थानीय लोगों ने चाला से होकर गुजरने वाले लोगों और अन्य लोगों से फूल खरीदकर और इलाज के लिए बनाए गए कोष में योगदान देकर इस अभियान का समर्थन करने की अपील की है।
