बिहार के मधुबनी जिले में डीएसपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। बिहार के निगरानी विभाग ने डीएसपी सुजीत कुमार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मधुबनी डीएसपी ने शहर में ट्रिपर और डंपर वाहनों के संचालन की अनुमति देने के बदले रिश्वत की मांग की थी। मामले का संज्ञान लेते हुए बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक टीम मधुबनी पहुंची थी। पहले टीम ने मामले की जांच की, फिर रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए जाल बिछाया। संबंधित डीएसपी जाल में फंस गए और निगरानी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। डीएसपी पर कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

 

जानकारी के मुताबिक, मधुबनी डीएसपी ने ट्रिपर और डंपर वाहनों के संचालकों से 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस बात की शिकायत वाहन संचालकों ने पटना में निगरानी विभाग से की थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय एक गुप्त योजना बनाई। जब रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई, तब विभाग ने आरोपी डीएसपी को पकड़ने की योजना पर अमल किया।

 

यह भी पढ़ें: ‘भैया, खेलूंगा भी वैसे ही’, वैभव ने नेट में अभिषेक शर्मा से क्यों कही थी ये बात?

केमिकल लगे नोट दिए

निगरानी विभाग की योजना थी कि वाहन संचालक डीएसपी को रुपये तो देंगे, लेकिन एक बदलाव के साथ। बदलाव यह था कि नोटों पर केमिकल लगा दिया गया था। केमिकल लगे नोट लेकर वाहन संचालक डीएसपी के पास पहुंचे। जैसे ही मधुबनी डीएसपी ने रिश्वत के रुपये लिए, निगरानी विभाग के अधिकारियों ने उनके कार्यालय में छापेमारी कर उन्हें रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। टीम ने कार्यालय की तलाशी ली और रिश्वत की रकम बरामद कर ली। नोटों पर लगे केमिकल से डीएसपी के हाथ भी रंग गए। आरोपी डीएसपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

 

यह भी पढ़ें: बिहार टेंडर घोटाला: ED ने 6 सीनियर IAS अधिकारियों को भेजा समन, होगी पूछताछ

 

जमीन पर गिरकर रोने लगे डीएसपी

गिरफ्तारी के बाद डीएसपी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि वह कार्यालय में ही जमीन पर गिर पड़े और रोने लगे। वह बार-बार छोड़ देने की गुहार लगाने लगे। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गई, जहां उनका मेडिकल चेकअप कराया गया। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डीएसपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें पटना ले जाया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। उनके अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की जा सकती है।