उत्तर प्रदेश में वाहन चालान को लेकर व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब अगर किसी वाहन मालिक को लगता है कि ट्रैफिक पुलिस या एआरटीओ ने उसका गलत चालान किया है तो वह सीधे कोर्ट का रुख नहीं कर सकेगा। पहले उसे ऑनलाइन माध्यम से चालान के खिलाफ आपत्ति दर्ज करानी होगी। इसके बाद मामला संबंधित अपीलीय अधिकारी के पास जाएगा। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी एआरटीओ को अपीलीय अधिकारी बनाया जाएगा। खास बात यह है कि अधिकारी अपने जिले के बजाय दूसरे जिले से आने वाली अपीलों की सुनवाई करेंगे। वाहन मालिक ई-चालान व्यवस्था के जरिए चालान के खिलाफ साक्ष्यों के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेगा।

 

ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने के बाद अपील संबंधित अपीलीय अधिकारी के पास पहुंचेगी। अधिकारी को 30 दिन के भीतर चालान की जांच कर यह तय करना होगा कि चालान सही है या गलत।अगर जांच में चालान गलत पाया जाता है तो उसे समाप्त किया जा सकेगा। वहीं चालान सही पाए जाने पर वाहन मालिक को जुर्माना जमा करने के लिए कहा जाएगा।

 

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30 दिन में फैसला नहीं तो चालान स्वतः समाप्त

नई व्यवस्था की अहम बात यह है कि अगर संबंधित अपीलीय अधिकारी 30 दिन के भीतर चालान पर कोई फैसला नहीं करता है, तो चालान स्वतः समाप्त माना जाएगा। यानी निर्धारित समय सीमा में निर्णय नहीं होने की स्थिति में वाहन मालिक को उस चालान को लेकर आगे कार्रवाई नहीं करनी होगी।

 

अगर अपीलीय अधिकारी चालान को सही मानता है और जुर्माना जमा करने का आदेश देता है, लेकिन वाहन मालिक इस फैसले से संतुष्ट नहीं है तो उसके पास न्यायालय जाने का विकल्प रहेगा। हालांकि, कोर्ट में चुनौती देने से पहले चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। इसके बाद चालान ऑनलाइन न्यायालय भेजा जाएगा। अगर कोर्ट चालान को गलत ठहराता है तो जमा की गई 50 प्रतिशत राशि वापस की जा सकती है। वहीं कोर्ट चालान को सही मानता है तो बची हुई 50 प्रतिशत राशि भी जमा करनी होगी।

 

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6 महीने तक जुर्माना नहीं भरा तो RC पर असर

चालान सही पाए जाने के बाद भी यदि जुर्माने का भुगतान नहीं किया जाता है तो आगे वाहन संबंधी दस्तावेजों के काम पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, छह महीने तक चालान का जुर्माना जमा नहीं करने पर वाहन की आरसी को 'Not to Transaction' श्रेणी में डाला जा सकता है। इसके बाद वाहन से जुड़े कई दस्तावेजी काम नहीं हो सकेंगे।इस नई व्यवस्था का उद्देश्य चालान संबंधी आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया को ऑनलाइन और समयबद्ध बनाना है। उत्तर प्रदेश पुलिस की यातायात सेवाओं में ऑनलाइन चालान देखने और भुगतान की सुविधा पहले से उपलब्ध है।