महाराष्ट्र में 26 साल के एक युवक ने कुछ महीने पहले ही फर्जी सर्टिफिकेट गैंग का भंडाफोड़ किया था। गुरुवार को इसी युवक की लाश बीड जिले के एक गांव में पेड़ से लटकती मिली। हैरानी की बात है कि जहां इस शख्स की लाश मिला वह वहां का रहने वाला भी नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, 26 साल के वैभव चव्हाण ने फर्जी स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट लेकर खेल कोटे की नौकरियां दिलाने के एक गैंग का खुलासा किया था। इस केस में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर यह आत्महत्या का मामला लग रहा है।
एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि वैभव चव्हाण का शव गुरुवार को बीड ग्रामीण थाना क्षेत्र के इमामपुर गांव में एक पेड़ से मृत पाया गया। उन्होंने बताया कि यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। अधिकारी के मुताबिक, वैभव चव्हाण चौहान इमामपुर गांव के निवासी नहीं थे। उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि वह वही व्यक्ति था जिसने उस गिरोह के बारे में शिकायत दर्ज कराई थी जिसे पुणे पुलिस ने दो महीने पहले बेनकाब किया था।
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क्या बोली पुलिस?
उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, ‘प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि यह फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला है। फिलहाल हमें कोई शिकायत नहीं मिली है।’ अधिकारी ने बताया कि उन्हें मौखिक सूचना भी मिली है कि वैभव चव्हाण ने इससे पहले फर्जी प्रमाणपत्रों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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बता दें कि पुणे पुलिस ने सितंबर महीने में सरकारी नौकरियों में खेल कोटे के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को कुराश प्रतियोगिताओं के 1,000 से अधिक फेक सर्टिफिकेट बांटने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था और इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया था।
