चर्चित त्विषा शर्मा की मौत के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच की सिफारिश की है। उधर त्विषा का परिवार फिर से पोस्टमॉर्टम कराने की मांग कर रही है। निचली अदालत में मांग खारिज होने के बाद त्विषा शर्मा के परिजन ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। त्विषा के परिवार का आरोप है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई खामियां हैं। त्विषा की मौत के बाद से ही उनके पति समर्थ सिंह फरार हैं और त्विषा का परिवार बार-बार इसको लेकर सवाल उठा रहा है। समर्थ सिंह के परिवार का कहना है कि त्विषा ड्रग्स की आदी थी। 

 

अब मध्य प्रदेश के गृह विभाग की ओर से सीबीआई जांच के संबंध में केंद्र को लिखे गए पत्र में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम में वर्णित शक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि मध्य प्रदेश शासन इस मामले की जांच के लिए अपनी सहमति देता है। बता दें कि त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। उनके परिवार ने त्विषा के ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया जबकि ससुराल पक्ष ने दावा किया कि वह ड्रग्स की आदी थी। पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास और रिटायर्ज जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2), 85 और 3 (5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की है।

 

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पुलिस ने फरार पति समर्थ की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। इस बीच, इस मामले को लेकर मॉडल से अभिनेत्री बनीं त्विषा शर्मा और पति समर्थ सिंह के परिवारों के बीच कानूनी लड़ाई भी छिड़ गई है। दोनों पक्षों ने इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया है। समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत मांगी है जबकि त्विषा के परिवार ने उनकी मां गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने का फैसला किया है। गिरिबाला सिंह एक रिटायर्ड जिला और सत्र जज और भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की वर्तमान अध्यक्ष हैं।

फिर से पोस्टमॉर्टम की मांग

त्विषा के परिजन के वकील ने बताया कि दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के लिए दायर की गई याचिका में पहले पोस्टमॉर्टम को चुनौती दी गई है और कहा गया है कि इसकी रिपोर्ट में बहुत सारी खामियां हैं। बता दें कि दो दिन पहले भोपाल की एक अदालत ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग वाली त्विषा के परिजनो की याचिका को खारिज कर दिया था। त्विषा के परिजन के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने फोन पर 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि परिवार ने भोपाल के एम्स में हुए पहले पोस्टमॉर्टम में खामियों को बताते हुए दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुनवाई आज दिन में होने की संभावना है।

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भोपाल में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता ने बुधवार को संबंधित मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि सच्चाई तक पहुंचने के उद्देश्य से दोबारा पोस्टमॉर्टम की आवश्यकता है या नहीं, इस बारे में अदालत की अंतरात्मा संतुष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'प्रक्रिया के मामूली उल्लंघन अदालत को फिर से पोस्टमॉर्टम का आदेश देने के लिए प्रेरित नहीं करेंगे।’ त्विषा के शव का 13 मई को राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पोस्टमॉर्टम हुआ था और तभी से उनका शव वहां की मोर्चरी में रखा हुआ है।

शव सड़ जाने की है आशंका

नोएडा निवासी ट्विशा के परिजन दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग कर रहे हैं। भोपाल पुलिस ने पिछले दिनों त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा को पत्र लिखकर कहा था कि मृतका के शव का 13 मई को पोस्टमॉर्टम हुआ और वर्तमान में वह भोपाल स्थित एम्स की मोर्चरी में शून्य से नीचे चार डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा हुआ है। पुलिस ने एम्स के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा था कि शव को सड़ने से बचाने के लिए शून्य से नीचे 80 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाना चाहिए और यह सुविधा एम्स भोपाल में नहीं है।

 

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने बुधवार को अपने आदेश में कहा था कि पुलिस को एक पत्र जारी किया जाए, जिसमें उन्हें निर्देश दिया जाए कि वे मध्य प्रदेश में कम तापमान वाली संरक्षण सुविधा के बारे में तुरंत जानकारी प्राप्त करें और बिना किसी देरी के तुरंत अदालत में इस सं इस संबंध में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करें।