प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर जहां भाजपा देशभर में उपलब्धियों का उत्सव मना रही है। वहीं विपक्ष सरकार की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है। इसी क्रम में बोधगया से राजद विधायक और पार्टी प्रवक्ता कुमार सर्वजीत ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें देश का सबसे यूनिक प्रधानमंत्री बताया।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान सर्वजीत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्षों के कार्यकाल के लिए बधाई दी जानी चाहिए, लेकिन साथ ही उन्हें मीडिया से दूरी बनाए रखने के लिए एक विशेष अवॉर्ड भी मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों और चुनौतियों पर प्रधानमंत्री मीडिया के सीधे सवालों का सामना करने से बचते रहे हैं।
यह भी पढ़ें: टूटने वाला था रिश्ता, ससुर का इलाज करवाया और बीवी ने फाड़ दिए तलाक के पेपर
मीडिया के सवालों से बचने वाले पहले प्रधानमंत्री
कुमार सर्वजीत ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया और जनता के सवालों का जवाब देना किसी भी प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी होती है। उनका दावा था कि देश के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा देखने को मिला है जब कोई प्रधानमंत्री नियमित रूप से मीडिया के खुले सवालों से दूरी बनाए रखता हो। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण तत्व है और जनता को सरकार की नीतियों तथा फैसलों पर सीधे जवाब मिलने चाहिए।
निशांत कुमार की शिक्षा पर भी दी प्रतिक्रिया
बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े सवाल पर भी सर्वजीत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस शिक्षण संस्थान में वे स्वयं पढ़ते थे, उसी संस्थान में निशांत कुमार भी छात्र रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि संभव है किसी कारणवश निशांत अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके हों। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी व्यक्ति के निजी जीवन पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में 1354 करोड़ का गेहूं खा गए कीड़े, हैरान कर देगी FCI की रिपोर्ट
टीएमसी नहीं टूट रही, नेताओं को खरीदा जा रहा
पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर बोलते हुए राजद विधायक ने कहा कि इसे किसी पार्टी का टूटना नहीं कहा जा सकता। उनका आरोप था कि भाजपा विपक्षी दलों के नेताओं को अपने पक्ष में करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि दल-बदल की घटनाओं को राजनीतिक विचारधारा का परिवर्तन नहीं, बल्कि खरीद-फरोख्त की राजनीति के रूप में देखा जाना चाहिए।
भाजपा पर धनबल और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
कुमार सर्वजीत ने भाजपा पर धनबल और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर राजनीतिक विस्तार करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए संसाधनों और प्रभाव का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा विचारों और जनसमर्थन के आधार पर होनी चाहिए, न कि आर्थिक और प्रशासनिक ताकत के बल पर।
