हिमाचल की ऊंची पहाड़ियों में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। रोहतांग दर्रा की चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। सितंबर के मध्य में ही पहाड़ों के सफेद होने से सर्दी ने दस्तक दे दी है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक रोहतांग की ऊंची चोटियों पर करीब 2 से 5 सेंटीमीटर ताजा बर्फ दर्ज की गई। 

 

बर्फ गिरते ही रोहतांग और आसपास की ऊंची चोटियां सफेद चादर से ढक गईं। ग्रांफू, कोकसर, अटल टनल नॉर्थ पोर्टल और चंद्रा घाटी के निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश और बर्फबारी के बाद पूरे इलाके में ठंडक बढ़ गई है। कई जगह लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। सितंबर में हुई इस पहली बर्फबारी ने आने वाले दिनों में मौसम के तेवरों का संकेत दे दिया है। पहाड़ों पर बर्फ और निचले क्षेत्रों में बारिश के चलते सुबह-शाम ठंड का अहसास बढ़ने लगा है।

 

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मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 16 से 20 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और अंधड़ की भी आशंका है।

फसलें समेटने में जुटने किसान

मौसम में अचानक बदलाव का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। लाहौल घाटी में किसान फूलगोभी, ब्रोकली और हरे मटर जैसी नकदी फसलों को समेटने में जुट गए हैं। सितंबर के अंतिम सप्ताह से आलू की खुदाई शुरू होने की संभावना है। वहीं, सीजन की पहली बर्फबारी पर्यटन कारोबार के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। रोहतांग की सफेद चोटियों की तस्वीरें और वीडियो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।

 

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बारिश और मौसम खराब होने के कारण मंगलवार शाम तक प्रदेश में 59 सड़कें और 11 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। चंबा के चुराह क्षेत्र में भारी बारिश और ओलावृष्टि से मटर की फसल को भी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में करीब 80 फीसदी फसल प्रभावित हुई है। यानी सितंबर में ही रोहतांग पर बर्फ की एंट्री ने साफ संकेत दे दिया है कि पहाड़ों में मौसम अब सर्दियों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।