उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बरेली-पीलीभीत हाइवे पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पंजाब के तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। निर्माणाधीन हाइवे के वनवे हिस्से पर ऑक्सीजन सिलेंडरों से भरे कैंटर और स्कॉर्पियो की आमने-सामने की टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने कैंटर चालक को हिरासत में लेकर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र से पंजाब लौट रहे थे। जैसे ही उनका वाहन बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित इनायतपुर गांव के पास निर्माणाधीन हाइवे पर पहुंचा, सामने से आ रहे ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदे कैंटर से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
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तीन की मौके पर मौत, दो अस्पताल में भर्ती
हादसे में फतेहगढ़ (पंजाब) निवासी भूपेंद्र कौर (62), हरजीत सिंह (60) और लुधियाना निवासी संतोष सिंह (65) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, स्कॉर्पियो चालक मुकुंद सिंह और लाडी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे के बाद कुछ समय तक हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा।
पुलिस ने कैंटर चालक पंचम लाल, निवासी मथुरापुर (बरेली), को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर तकनीकी जांच कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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निर्माण कार्य के बीच सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा था और यातायात वनवे व्यवस्था के तहत संचालित किया जा रहा था। ऐसे में इस दर्दनाक हादसे के बाद निर्माणाधीन मार्ग पर यातायात प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।
