बिहार के भोजपुर जिले में चांदी थाना क्षेत्र के बहियारा-फरहंगपुर के पास सोन नदी में अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान बालू लदी चार नाव और एक ड्रेजर मशीन (डुबिया) जब्त की गई। मौके से अवैध खनन और परिवहन में शामिल 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अवैध खनन से सरकार को करीब 58 लाख 80 हजार 400 रुपये के राजस्व की क्षति का आकलन किया गया है। मामले में चांदी थाना में FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
चांदी थाना परिसर में सदर SDPO रंजीत कुमार सिंह ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि NGT के निर्देश के तहत 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर रोक है। इसके बावजूद सोन नदी में अवैध रूप से खनन और परिवहन किए जाने की सूचना मिल रही थी। सूचना के आधार पर खनन विभाग और चांदी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बहियारा-फरहंगपुर के पास सोन नदी में छापेमारी की। इस दौरान नदी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता पाया गया।
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रोक के बावजूद हो रहा था अवैध खनन
SDPO ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देश के तहत मानसून के दौरान 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर पूरी तरह रोक है। यह रोक पर्यावरण और नदी के इको-सिस्टम को बचाने के लिए लगाई जाती है। इसके बावजूद कुछ लोग चोरी-छुपे सोन नदी से बालू का अवैध खनन कर नावों के जरिए उसका परिवहन कर रहे थे।
सूचना के बाद खनन विभाग और चांदी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान नदी में ड्रेजर मशीन से बालू निकाली जा रही थी और चार नावों में बालू लादकर किनारे लाया जा रहा था। पुलिस को देखकर कुछ लोग भागने लगे लेकिन टीम ने घेराबंदी कर 23 लोगों को पकड़ लिया। मौके से बालू लदी चार नाव और एक ड्रेजर मशीन जब्त की गई।
SDPO ने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध खनन के पीछे कौन लोग हैं और इसका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन पर 23 लोग गिरफ्तार
खनन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन से सरकार को करीब 58 लाख 80 हजार 400 रुपये के राजस्व की क्षति का आकलन किया गया है। यह आकलन जब्त बालू, नावों और ड्रेजर मशीन के आधार पर किया गया है। विभाग के अनुसार, मानसून में खनन पर रोक के दौरान बालू की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध खनन करते हैं और ऊंचे दामों पर बालू बेचते हैं।
मामले में चांदी थाना में FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार 23 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। SDPO ने बताया कि सोन नदी में अवैध बालू खनन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों ने भी रात में नदी से बालू निकालने और ट्रैक्टरों से उसका परिवहन किए जाने की शिकायत की थी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि आगे भी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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अवैध खनन से नदी को नुकसान
सोन नदी में अवैध बालू खनन को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। भोजपुर, पटना, रोहतास और औरंगाबाद जिलों में सोन नदी से बड़े पैमाने पर बालू का खनन होता है। मानसून में रोक के बावजूद कुछ लोग रात के अंधेरे में ड्रेजर मशीनों से बालू निकालते हैं और नावों व ट्रैक्टरों के जरिए उसका परिवहन करते हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ नदी और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बहियारा-फरहंगपुर के पास लंबे समय से अवैध खनन हो रहा था। रात में ड्रेजर मशीनों की आवाज सुनाई देती थी और सुबह बालू लदी नावें किनारे लगती थीं। लोगों ने कई बार इसकी शिकायत प्रशासन से की थी। इस बार खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत जताई है।
खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अवैध खनन से नदी का इको-सिस्टम प्रभावित होता है और नदी का स्वरूप भी बदल सकता है। ज्यादा खनन से नदी के किनारे कटने लगते हैं और बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। इसी वजह से NGT ने मानसून के दौरान खनन पर रोक लगाई है। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
