पंजाब के फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में तीन दिन के हंगामे के बाद अब माहौल शांतिपूर्ण है। फिलहाल हालत को देखते हुए कैंपस प्रशासन ने 10 दिनों के लिए क्लासेज सस्पेंड करने का एलान किया है। साथ ही, सभी एग्जाम को कैंसिल कर दिया गया है। घर लौट रहे बच्चों ने बताया कि कैंपस में बाहरी असामाजिक तत्वों के घुसने के कारण हालात काफी बिगड़ गए थे। उनका कहना है कि रविवार रात को कई लड़के गर्ल्स हास्टल में घुस आए थे लेकिन अब पुलिस की तैनाती के बाद अंदर शांति है। आपको बता दें कि कैंपस में एक छात्रा स्टूडेंट के साथ कथित रेप का मामला सामने आया था। इसके बाद कैंपस में उपद्रवी तत्वों ने भारी उत्पात मचाया। तोड़फोड़ और आगजनी के चलते कंप्यूटर साइंस की बिल्डिंग को आग के हवाले कर दिया।

 

यूनिवर्सिटी कैंपस में कई बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा दिया गया। प्रशासनिक ब्लॉक सहित कई मुख्य भवनों में जमकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद ही प्रशासन ने सभी क्लासेस कैंसल कर दिए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि स्थिति को देखते हुए आगे का फैसला किया जाएगा।

 

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पूरा मामला क्या है?

छात्रों के मुताबिक, कैंपस के अंदर हालात काफी बिगड़ गए थे। उपद्रवियों ने कैंपस में जमकर उत्पात मचाया। कंप्यूटर साइंस ब्लॉक में आग लगा दी गई। एडमिशन ब्लॉक, मेन हॉल और छात्रों की जीती हुई ट्रॉफियों तक को तोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, असामाजिक तत्व और लड़के लड़कियों के हॉस्टल तक में घुस गए। इसके बाद पार्क और हॉस्टल परिसर में छात्रों व उपद्रवियों के बीच भारी झड़प और हाथापाई हुई।


प्रशासन का कहना है कि कैंपस में बाहरी लोगों ने माहौल खराब करने के लिए तोड़फोड़ मचाया। छात्राओं की सुरक्षा के लिए चल रहे विरोध -प्रदर्शन के बीच माहौल अचानक हिंसक हो गया। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच माहौल अचानक हिंसक हो गया।

छात्रों को दी गई हिदायत

हंगामें के बाद छात्रों ने बताया कि उन्हें प्रशासन की तरफ से यह हिदायत दी गई है कि वह अपने हॉस्टल के अंदर रहे। अगर वह विरोध करना चाहती है तो शांति से कर सकती है। एक स्टूडेंट ने बताया, 'यूनिवर्सिटी का कहना है कि स्टूडेंट सेफ रहें। उनके लिए बेहतर है कि वे अपने हॉस्टल के अंदर रहें। साथ ही बाहर से आए स्थानीय लोगों और गुंडों से सुरक्षित रहें। बाहर घूमने के बजाय अगर वे विरोध करना चाहते हैं तो शांति से कर सकते हैं। अंदर के हालात सही नहीं है। इसमें छात्र शामिल नहीं हैं और ज्यादातर गुंडे शामिल है। इसलिए अभी सुरक्षा सबसे जरूरी है।'

कैंपस के बच्चों ने क्या बताया?

कैंपस की लड़कियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन लड़कियों के लिए हो रहा है लेकिन कैंपस के अंदर लड़कियां खुद सुरक्षित नहीं हैं। कई लड़कियों ने उपद्रवियों का सामना किया। बदमाशों ने यूनिवर्सिटी हॉल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। CS बिल्डिंग में आग लगा दी और एडमिशन ब्लॉक को तोड़ दिया। साथ ही लोगों ने छात्रों की जीती हुई ट्रॉफियां भी तोड़ दीं। 

 

 

एक स्टूडेंट ने बताया, 'प्रशासन के साथ हुई बातचीत के अनुसार, हमें बताया गया कि हंगामे के दौरान कैंपस में कंप्यूटर साइंस की बिल्डिंग में तोड़-फोड़ की गई और आग लगा दी गई। इसीलिए हमें 10 दिन की छुट्टी दी गई है। हंगामा अब थम गया है और अंदर शांति का माहौल है। पुलिस ने कैंपस को सुरक्षित कर लिया है। हंगामे के दिन लड़के लड़कियों के हॉस्टल में घुस गए थे और यूनिवर्सिटी पार्क में काफी तोड़-फोड़ और हाथापाई हुई थी। हम अभी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं लेकिन हमें पक्का नहीं पता कि 10 दिन बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा या ऑनलाइन क्लास होंगी, क्योंकि कल रात क्लासरूम में काफी तोड़-फोड़ हुई थी।'

 

 

एक छात्र कहता है, 'हमें कल नोटिस मिला। कैंपस के अंदर सब कुछ शांत है। परीक्षाएं टाल दी गई हैं और रेगुलर क्लास रोक दी गई हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो 1-2 हफ्ते में हालात सामान्य हो सकते हैं।'

 

 

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आपको बता दें कि तीन दिन पहले कथित रेप की घटना के बाद करीब 1 बजे गर्ल्स हॉस्टल-3 के पास हंगामा शुरू हुआ। छात्रों का आरोप है कि एक लड़की के साथ वहां काम कर रहे प्लंबर ने रेप किया था। कैंपस प्रशासन इन आरोपों से पूरी तरह से किनारा कर रही है। उनका कहना है कि यह अफवाह है। जबकी पुलिस इसके इतर कहानी बता रही है। पुलिस का कहना है कि कैंपस में रेप की घटना हुई है जिसकी जांच की जा रही है। 


कैंपस में पुलिस की गाड़ियों को भी आग लगा दी गई। पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया गया। इसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने फ्लैग मार्च कर स्थिति को काबू में करने का दावा किया है लेकिन तनाव बरकरार है। यूनिवर्सिटी कैंपस के हॉस्टलों में करीब 25 हजार बच्चे रहते हैं।

 

पंजाब पुलिस के ADGP मोहम्मद फैयाज फारूकी ने बताया कि पुलिस ने रात में फ्लैग मार्च किया। उन्होंने कहा कि अब हालात कंट्रोल में हैं। साथ ही हाईवे भी खोल दिया गया है। ADGP फारूकी ने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद क्लासेस फिर शुरू होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।