उत्तर प्रदेश के जिला बांदा में यूपी एसटीएफ ने नशीली कोडीन कफ सिरप की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रयागराज एसटीएफ की टीम ने बिसंडा-अतर्रा मार्ग पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उत्तरी गोल चौराहे के पास घेराबंदी कर 250 पेटियों में रखी 30 हजार शीशियां बरामद कीं। बरामद सिरप की अनुमानित कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई गई है।

 

मौके से गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में कोडीन कफ सिरप डीसीएम के जरिए अतर्रा की ओर ले जाई जा रही है। टीम ने कार्रवाई करते हुए डीसीएम के साथ उसके आगे चल रही टाटा नेक्सॉन कार को भी रोक लिया। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से ऑनरेक्स ब्रांड की कोडीन कफ सिरप की 250 पेटियां बरामद हुईं। इसके साथ पांच मोबाइल फोन और 53,530 रुपये नकद भी मिले।

 

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बुंदेलखंड में खपता था नशे का माल

पूछताछ में आरोपियों ने एसटीएफ को बताया कि गिरोह दिल्ली के द्वारका क्षेत्र से कोडीन सिरप की खेप हासिल करता था। इसके बाद इसे बांदा, अतर्रा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में मेडिकल बिक्री के बजाय नशे के कारोबार के लिए खपाया जाता था। जांच में दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड तक सप्लाई नेटवर्क होने की जानकारी भी सामने आई है।

एसटीएफ की पूछताछ में गिरोह के कथित तौर पर सिरप के रैपर बदलकर उसे अधिक कीमत में बेचने की बात सामने आई है। खेप को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने वाले वाहन चालक को 25 हजार रुपये तक अलग से इनाम दिए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। मुनाफे को गिरोह के सदस्य आपस में बांटते थे।

फर्जी जीएसटी बिलों की आड़ में चल रहा था खेल

गिरोह केवल तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल करता था। एसटीएफ के मुताबिक कोडीन सिरप की सप्लाई को वैध दिखाने के लिए फर्जी जीएसटी बिल और इनवॉइस तैयार किए जाते थे। इन दस्तावेजों में हमीरपुर की एक मेडिकल एजेंसी के नाम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। जांच में संबंधित फर्म के बोगस होने की जानकारी भी सामने आई है।

 

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4 आरोपी गिरफ्तार, सरगना और नेटवर्क की तलाश

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरेन्द्र कुमार, प्रवीण कुमार उर्फ लकी, रोहित पांडेय और हापुड़ निवासी शेखर सिंह के रूप में हुई है। चारों के खिलाफ बिसंडा थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया है। एसटीएफ अब गिरोह से जुड़े अन्य सप्लायरों, खरीदारों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की तलाश में जुटी है।एसटीएफ की इस कार्रवाई ने दिल्ली से बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश तक फैले कथित नशीली सिरप के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। अब जांच का फोकस उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो इस पूरी सप्लाई चेन को संचालित कर रहे थे।