लद्दाख की राजधानी लेह में सोनम वांगचुक ने एक बार फिर केंद्र की सरकार पर तीखा हमला बोला है। लेह में साल 2025 हुई पुलिस फायरिंग में कई लोगों की जान चली गई थी। उसकी बरसी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने साल 2025 में हुई घटना की निष्पक्ष जांच के लिए ट्रिब्यूनल के गठन की मांग की है। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें डर है कि उनका एनकाउंटर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जो लोग अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं उन पर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही लद्दाख की मौजूदा स्थिति की तुलना तिब्बत से करते हुए कहा कि यहां के लोगों ने लोकतंत्र पर भरोसा जताया था। यहां के लोगों के साथ जिस तरह का बर्ताव हो रहा है वैसा तो चीन भी तिब्बत में नहीं करता।
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वांगचुक के आरोप
सोनम वांगचुक लेह में मीडिया से बात कर रहे थे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सरकार पर जमकर हमला बोला। शिक्षा नीति और लेह में लोगों के अधिकारों के साथ हो रहे अन्याय पर बात की। उन्होंने कहा कि मेरा एनकाउंटर किया जा सकता है। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि लद्दाख में भड़की नाराजगी किसी एक आदमी के उकसावे का नतीजा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो वादे लोगों से किए गए थे उसे पूरा नहीं किया गया। इसी वजह से लद्दाख के लोग केंद्र सरकार और प्रशासन से नाराज है।
उन्होंने कहा कि साल 2020 के अक्टूबर महीने में लेह में चुनाव हुआ था। इस चुनाव से पहले वहां के स्थानीय नेताओं को स्पेशल फ्लाइट से दिल्ली ले जाया गया था। उस समय केंद्र सरकार की तरफ से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की बात कहीं गई थी। साथ ही संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने का वादा किया गया था। लेकिन चुनाव जीतने के बाद जब सरकार इन वादों से पीछे हट गई तो लोगों का गुस्सा सड़कों पर निकल आया।
अमित शाह का मांगा इस्तीफा
सोनम ने कहा, 'शिक्षा की बात करें तो सभी सरकारों ने गांव के स्कूलों को नजरअंदाज किया है। 70 साल से स्कूलों को बर्बाद किया गया। हाल के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में लोगों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। राहुल गांधी ने आगे आकर गृह मंत्री का इस्तीफा मांगा था। मैं इसका समर्थन करता हूं। अमित शाह को इस्तीफा जरूर देना चाहिए।'
आगे उन्होंने कहा, 'दिल्ली में जो हुआ उसके लिए अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन जो लेह में हुआ उसके लिए क्या उनको पद पर बने रहना चाहिए? नहीं उन्हें इस हिंसा की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना होगा। जब से वह गृह मंत्री बने हैं देश में हर जगह दंगे और फसाद हो रहे हैं।'
सरकार ने किया लोगों पर हमला
साल 2025 की घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकार मांगने गए लोगों पर सरकार की तरफ से हमला किया गया। सरकार ने निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाईं। इस हिंसा में 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके लिए कमेटी का गठन किया था। एक साल बीत जाने के बाद भी गृह मंत्रालय के आयोग की रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी है। यही वजह है कि अब मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र ट्रिब्यूनल की जरूरत महसूस हो रही है।
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170 दिन बाद हुए रिहा
आपको बता दें कि पिछले साल हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने लेह में कर्फ्यू लगा दिया था। उस दौरान सोनम वांगचुक समेत 81 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया था। इसके बाद उन्हें जोधपुर जेल में रखा गया था। इस मामले में उन्होंने लगभग 170 दिन हिरासत में बिताया था। 14 मार्च 2026 को सरकार ने उनके खिलाफ लगे सभी आरोप वापस ले लिए जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया।
