विदेश यात्रा के दौरान अचानक बीमार पड़ना या मेडिकल इमरजेंसी आ जाना काफी परेशानी वाला अनुभव हो सकता है। ऐसे समय में अस्पताल का खर्च, डॉक्टर की फीस, दवाइयों और मेडिकल टेस्ट का बिल काफी ज्यादा हो सकता है। अगर आपने यात्रा से पहले ट्रैवल इंश्योरेंस लिया है तो पॉलिसी की शर्तों के अनुसार इन खर्चों का कुछ हिस्सा या पूरी राशि इंश्योरेंस के जरिए कवर हो सकती है।
ट्रैवल इंश्योरेंस के तहत मेडिकल क्लेम करने के लिए सबसे पहले अपनी इंश्योरेंस कंपनी की हेल्पलाइन या सहायक सेवा से संपर्क करना जरूरी होता है। इसके बाद नजदीकी नेटवर्क अस्पताल में इलाज कराने या कंपनी की मंजूरी लेने की जरूरत पड़ सकती है। इलाज के दौरान अस्पताल की रिपोर्ट, डॉक्टर की पर्ची, मेडिकल बिल और भुगतान की रसीद जैसे सभी दस्तावेज संभालकर रखना बेहद जरूरी है।
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इलाज का क्लेम कैसे करें?
अचानक तबीयत खराब होने पर सबसे पहले अपनी ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी और उसमें दिए गए आपातकालीन सहायता नंबर को चेक करें। संभव हो तो इलाज शुरू कराने से पहले इंश्योरेंस कंपनी को घटना की जानकारी दें। कंपनी आपको नजदीकी अस्पताल, कैशलेस सुविधा या आगे की क्लेम प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे सकती है।
अगर कैशलेस ट्रीटमेंट उपलब्ध है तो इंश्योरेंस कंपनी अस्पताल से सीधे भुगतान की प्रक्रिया कर सकती है। वहीं अगर आपको इलाज का खर्च खुद देना पड़ता है तो बाद में Reimbursement Claim किया जा सकता है। इसके लिए इलाज से जुड़े सभी मूल दस्तावेज और भुगतान के प्रमाण जमा करने पड़ सकते हैं।
कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
विदेश में बीमार पड़ने या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में ट्रैवल इंश्योरेंस से इलाज का खर्च क्लेम करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज संभालकर रखना चाहिए। सबसे पहले ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और वीजा जैसे दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं। इनसे आपकी पहचान, यात्रा और इंश्योरेंस कवरेज की पुष्टि होती है।
इलाज के दौरान अस्पताल या डॉक्टर से मिलने वाली मेडिकल रिपोर्ट, डाक्टर की प्रिस्क्रिप्शन, डायग्नोस्टिक रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी को सुरक्षित रखना जरूरी है। अगर कोई मेडिकल टेस्ट जैसे एक्स-रे, ब्लड टेस्ट या स्कैन कराया गया है तो उसकी रिपोर्ट भी क्लेम के समय मांगी जा सकती है। इसके अलावा अस्पताल का बिल, फार्मेसी बिल और पेमेंट रसीद भी संभालकर रखें।
अगर आपने इलाज का भुगतान खुद किया है तो कॉर्ड या कैश पेमेंट का प्रूफ भी काम आ सकता है। Reimbursement Claim के लिए इंश्योरेंस कंपनी का Claim Form भी भरना पड़ सकता है। हालांकि, जरूरी दस्तावेज पॉलिसी और इंश्योरेंस कंपनी के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
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किन देशों में ट्रैवल इंश्योरेंस से इलाज मान्य है?
ट्रैवल इंश्योरेंस की मेडिकल कवरेज कई देशों में उपलब्ध होती है लेकिन यह आपकी पॉलिसी के भौगोलिक विस्तार पर निर्भर करती है। आमतौर पर अमेरिका, कनाडा, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन समेत कई देशों के साथ ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, यूएई, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में मेडिकल इमरजेंसी का खर्च पॉलिसी की शर्तों के अनुसार कवर किया जा सकता है।
हालांकि, हर ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी में सभी देश शामिल हों यह जरूरी नहीं है। कुछ पॉलिसियों में अमेरिका और कनाडा और जैसे देशों के लिए अलग प्रीमियम या कवरेज हो सकता है जबकि कुछ देशों और क्षेत्रों को एक्सक्लूजन में रखा जा सकता है। इसलिए यात्रा से पहले अपनी पॉलिसी में संबंधित देश, मेडिकल कवरेज लिमिट और एक्सक्लूजन जरूर जांच लें।
