उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में छात्र की पिटाई के बाद हेडमास्टर का अभिभावक से बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक पर पांचवीं कक्षा के छात्र को डंडे से पीटने का आरोप है। बताया जा रहा है कि पिटाई के बाद छात्र बेहोश हो गया। इसकी शिकायत लेकर अभिभावक स्कूल पहुंचे तो वहां हेडमास्टर ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की और उनपर हमला करने का प्रयास किया। 

 

यह घटना बलरामपुर के गैसड़ी शिक्षा क्षेत्र के करैली स्थित कंपोजिट विद्यालय की बताई जा रही है। अभिभावक ने हेडमास्टर की बदसलूकी का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अभिभावक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से लिखित शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।   

 

यह भी पढ़ें: मेधा रूपम के लिए बदला रोस्टर, सुनवाई के दौरान माइक बंद; SC पर उठे सवाल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिभावक ने शिकायत के साथ घटना और स्कूल पहुंचने के बाद हुए विवाद का वीडियो भी अधिकारियों को दिया है। इस घटना के बाद बलरामपुर पुलिस ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडिया तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में विद्यालय परिसर में शिकायतकर्ता और शिक्षक के बीच विवाद होता दिखाई दे रहा है।

क्या है पूरा मामला? 

अभिभावक के मुताबिक, उनका बेटा पवन कुमार कक्षा पांच में पढ़ता है। क्लास में शोर होने की वजह से हेडमास्टर ने उसके बेटे की डंडे से पिटाई कर दी, इसकी वजह से वह बेहोश हो गया। शिकायत लेकर वह स्कूल पहुंचे, जहां उनके साथ गाली-गलौज की गई और ईंट से हमला करने का प्रयास भी किया गया। 

 

अभिभावक ने अपनी शिकायत में हेडमास्टर पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने के भी आरोप लगाए हैं। विरोध करने वाले बच्चों को फेल करने, टीसी और मार्कशीट खराब करने की धमकी दी जाती है। इस मामले में इन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। 

खंड शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं मामले की जांच

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी और इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पिटाई, विवाद और अन्य आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।