उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम काफी सक्रिय हैं। कभी वह 150-200 सीटों की मांग करते हैं तो कभी गठबंधन सहयोगी समाजवादी पार्टी (सपा) को ललकारते हैं। कहा जाता है कि अजय राय को कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने में भी उन्हीं की अहम भूमिका है। हाल ही में वह उन स्वामी प्रसाद मौर्य से मिले जिनसे अखिलेश यादव के रिश्ते ठीक नहीं हैं। अब इन्हीं राजेंद्र पाल गौतम पर पैसों की उगाही करने के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ चिट्ठियों में दावा किया गया है कि राजेंद्र पाल गौतम अपने सहयोगियों के जरिए पैसे मांग रहे हैं। इसी मेल में विनय गौतम, सोनू गौतम, मेजर शेखर, अभिषेक यादव और अजीत आर्य जैसे लोगों के नाम भी दिए गए हैं।
वायरस लेटर के मुताबिक, राव साहब नाम की एक ईमेल आईडी से यह चिट्ठी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, पार्टी के संगठन से जुड़े तमाम लोगों और पार्टी के उस अनुसूचित जाति विभाग को भेजी गई है जिसके मुखिया राजेंद्र पाल गौतम हैं। इस चिट्ठी के मुताबिक, राजेंद्र पाल गौतम अपने दो PA के जरिए पैसे मांग रहे हैं। चिट्ठी लिखने वाले ने यह भी लिखा है कि उसने एक डमी व्यक्ति को टिकट मांगने के लिए भेजा तो उससे 10 लाख रुपये मांगे गए।
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इसी चिट्ठी में लिखा है कि राजेंद्र पाल गौतम ने लखनऊ की बीकेटी विधानसभा का टिकट देने के नाम पर अभिषेक यादव का घर अपने नाम पर ट्रांसफर कराने की डील की है। आरोप लगाया गया है कि राजेंद्र पाल गौतम ने हसीब खान नाम के व्यक्ति से उतरौली विधानसभा सीट के टिकट के लिए 50 लाख रुपये का नजराना लिया है और टिकट मिलने के बाद 2 करोड़ रुपये और देने की बात हुई है। यहां जिन हसीब खान की बात हो रही है उन्होंने सोमवार यानी 2 नवंबर को ही दिल्ली में यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना से मुलाकात की है। उन्होंने 15 अक्तूबर को राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात भी की थी।
वायरल ईमेल में क्या है?
खबरगांव ने इस ईमेल की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है। इस ईमेल में लिखा गया है, 'राजेंद्र पाल गौतम के कार्यालय से जुड़े दो लोग सोनू गौतम और विनय गौतम जो खुद को उनका रिश्तेदार बताते हैं और उनके पीए हैं। पिछले 3 महीने से यूपी में लोगों को चिह्नित करके धन उगाही का रैकेट चला रहे हैं। शुरुआत में मुझे ये बातें मजाक लगीं लेकिन मैंने पुष्टि कीं तो सारी बातें सत्य निकलीं।' इस कथि ईमेल में कुछ फोन नंबर और UPI ID भी दी गई हैं। आरोप है कि इन्हीं के जरिए पैसे लिए गए।
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आरोप है कि सोनू और विनय गौतम के अलावा मिशन जय भीम के पदाधिकारी अजीत आर्य और मिशन जय भीम के अध्यक्ष मेजर शेखर नाम के दो व्यक्ति भी करोड़ों रुपये की वसूली कर रहे हैं। चिट्ठी के मुताबिक, ये दोनों राजेद्र पाल गौतम के निजी NGO मिशन जय भीम के पदाधिकारी हैं और लखनऊ में उनके कमरे में और पार्टी की सीक्रेट मीटिंग में भी बैठते हैं। इसी ईमेल में एक तस्वीर भी शेयर की गई है।
राजेंद्र पाल गौतम ने पहले ही जारी किया था वीडियो
इससे पहले 20 अक्तूबर को राजेंद्र पाल गौतम ने एक वीडियो जारी करके कहा था, 'साथियो, यूपी में सीट बंटवारे की बातचीत शुरू हो गई है और हमने कैंडिडेट चुनने का काम हमने शुरू कर दिया। हमारे ऐसे अनेको संभावित कैंडिडेट के पास फोन जा रहे हैं यह कहकर कि मैं AICC से बोल रहा हूं, आप संभावित उम्मीदवार हैं और आपको 76 हजार रुपये भेजने हैं और हम आपको बार कोड भेज रहे हैं। इस तरह के फर्जी फोन जा रहे हैं। ऐसा ही एक फोन 8882097904 नंबर से। इसी तरह के और भी फोन जा रहे हैं। भ्रष्टाचारी लोग ऐसी हरकतें करते हैं और मौके का फायदा उठाते हैं।'
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उन्होंने इस वीडियो में आगे कहा था, 'ऐसे ही फोन पदाधिकारियों को भी जा रहे हैं। वे कहते है कि जिलाध्यक्ष से बात हो गई है। जिलाध्यक्ष को भी फोन कर देते हैं कि AICC में पैसे जमा करवाने हैं। मैं कहना चाहूंगा कि हमारे संभावित उम्मीदवार सबकी नजर में हैं। अगर आपको ऐसे फोन आते हैं तो मेरा आपसे निवेदन है कि कांग्रेस पार्टी किसी से पैसे नहीं मांगती है। आप इस तरह के बहकावे में ना आएं और कोई पैसे मांगे तो उसकी शिकायत करें और सजग रहें।'
