प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 नॉर्डिक देशों के दौरे के बाद अब इटली पहुंचे हैं। बुधवार को उन्होंने इटली के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। दोनों के मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाईं हैं। जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी के साथ एक सेल्फी ली और कहा, 'रोम में आपका स्वागत है दोस्त।' प्रधानमंत्री और मेलोनी की दोस्ती, एक बार फिर सुर्खियों में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस यात्रा के बारे में कहा है कि भारत और इटली के बीच परस्पर सहयोग बढ़ाने और भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IAMEC) पर चर्चा की जाएगी। दोनों देश, संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की भी समीक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फर्टिलाइजर एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) का भी दौरा करेंगे। खाद्य सुरक्षा पर दोनों देशों के बीच चर्चा होगी।
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इटली से क्या उम्मीद कर रहा है भारत?
रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय:-
भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आधिकारिक दौरे पर रोम पहुंचे हैं। भारत और इटली के बीच दीर्घकालिक और बहुआयामी साझेदारी है। यह यात्रा भारत-इटली साझेदारी को नयी गति प्रदान करेगी।
कैसे रहे हैं भारत और इटली के संबंध?
विदेश मंत्रालय ने 18 नवंबर 2024 को एक संयुक्त बयान में कहा था, 'भारत और इटली दो प्राचीन सभ्यताएं हैं, जिनके बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। इटली के वेनिस जैसे बंदरगाह प्राचीन मसाला मार्ग पर महत्वपूर्ण थे। 13वीं शताब्दी में वेनिस के व्यापारी मार्को पोलो भारत आए और अपनी यात्रा के अनुभव लिखे।'
विदेश मंत्रालय के मुताबिक रवींद्रनाथ टैगोर 1926 में इटली गए, जबकि महात्मा गांधी 1931 में रोम पहुंचे। द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों ने इटली में जर्मन और मुसोलिनी की सेनाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी। 1947 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित हुए। आज दोनों के बीच मजबूत जन-जन का संपर्क है।
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78 साल से ज्यादा पुरानी है आधिकारिक दोस्ती
इटली में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। साल 2023 में दोनों देशों ने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई थी। साल 2024 में भी प्रधानमंत्री इटली गए थे। अक्टूबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G20 शिखर सम्मेलन के लिए इटली गए। मार्च 2023 में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भारत आईं और रायसीना डायलॉग की मुख्य अतिथि रहीं। इस दौरान दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया।
किन क्षेत्रों में भारत और इटली साथ हैं?
भारत और इटली के बीच ऊर्जा, साइबर सुरक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष, हरित अर्थव्यवस्था और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों को लेकर अच्छी साझेदारी है। जून 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली पहुंचे। जॉर्जिया मेलोनी और प्रधानमंत्री मोदी, वैश्विक मंचों पर गर्मजोशी से मिलते हैं। दोनों की कूटनीतिक दोस्ती, चर्चा में रहती है। नवंबर 2024 में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने 2025-29 के लिए संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना की घोषणा की।
इटली के साथ व्यापारिक रिश्ते कैसे हैं?
विदेश मंत्रालय के मुताबिक इटली भारत का यूरोपीय संघ में चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। साल 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 14.56 अरब डॉलर पहुंच गया। भारत का निर्यात लगभग 8.76 अरब डॉलर रहा। इटली से भारत में 3.5 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है।
ऑटोमोबाइल, मशीनरी और सेवाओं में निवेश प्रमुख है। इटली की कंपनियां फैशन, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और खाद्य क्षेत्र में भारत में सक्रिय हैं, जबकि भारतीय कंपनियां आईटी, इंजीनियरिंग और फार्मा क्षेत्र में इटली में काम कर रही हैं। रक्षा सहयोग भी बढ़ रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान को याद करते हुए दोनों देश अब आधुनिक रक्षा सहयोग कर रहे हैं।
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संभावनाएं क्या हैं?
भारत और इटली के बीच सांस्कृतिक, शैक्षिक और प्रवासी संबंध भी गहरे हैं। इटली में 2 लाख से ज्यादा भारतीय समुदाय है। वहां 6700 से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं। दोनों देशों ने संस्कृति, शिक्षा और प्रवासन-गतिशीलता पर मजबूत समझौते हैं। योग दिवस, दीवाली और भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से होता है।
भारत और इटली के बीच प्राचीन सांस्कृतिक संबंध अब आधुनिक रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा साझेदारी में बदल चुके हैं। दोनों देश जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष और साइबर सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी साथ काम कर रहे हैं।
