भारतीय रिजर्व बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना में बड़े बदलाव किए हैं। बैंक ने नया आधिकारिक आदेश जारी किया है जिसके तहत अब देश के सभी बैंक किसानों को लोन देने के लिए एक जैसे नियमों का पालन करेंगे। इन बदलावों का मकसद यह है कि किसानों को खेती के लिए पैसे मिलने में कोई दिक्कत न आए और लोन लेने का तरीका बहुत आसान और साफ-सुथरा हो जाए।
बैंक ने अब यह पक्का कर दिया है कि फसल के लिए लिए गए लोन को कब तक वापस करना है। बैंक ने फसल उगाने से लेकर उसे काटकर बेचने तक के समय को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। छोटी फसलों के लिए यह समय 12 महीने और जो फसलें ज्यादा समय लेती हैं उनके लिए यह समय 18 महीने का होगा। इस नियम से किसान को यह साफ पता रहेगा कि उसे अपना लोन कब चुकाना है। इससे किसान पर फालतू का दबाव नहीं बनेगा और वह बिना तनाव के अपनी खेती का काम कर पाएगा।
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बिना कुछ गिरवी रखे लोन की सुविधा
बैंक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 2 लाख रुपये तक के खेती से जुड़े लोन के लिए किसान को कोई भी चीज गिरवी रखने की जरूरत नहीं है। अगर कोई किसान अपनी मर्जी से सोना या चांदी गिरवी रखता है, तो इसे नियमों के खिलाफ नहीं माना जाएगा। 2 लाख रुपये से बड़े लोन के लिए बैंक अपने नियम खुद तय करेंगे। इसके अलावा, अगर फसल या सामान को गिरवी रखकर लोन लिया गया है और इसके लिए कोई खास समझौता है तो बैंक 3 लाख रुपये तक के लोन के लिए गिरवी वाली शर्त को माफ कर सकते हैं।
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बैंकों के लिए लोन रिन्यूअल के निर्देश
बैंक ने यह भी साफ कर दिया है कि दिसंबर 2024 में बिना गिरवी वाले लोन की जो सीमा तय की गई थी उसे अभी और बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खेती के कामों के लिए छोटे लोन की समय पर जांच करें और उसे आगे बढ़ाएं। ये सभी नियम देश के सभी बैंकों पर लागू होंगे और उन्हें इनका पालन करना ही होगा। इन बदलावों का मुख्य लक्ष्य यह है कि खेती में निवेश बढ़ाने के लिए किसानों को पैसा मिलने में कोई रुकावट न आए और वे बिना किसी परेशानी के अपनी क्रेडिट लिमिट का पूरा लाभ उठा सकें।


