बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी को 'गोलमाल', 'खलनायक', 'किंग अकंल' में दमदार ऐक्टिंग से पहचान मिली। उन्होंने अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर का खुलासा किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए जिस तरह की फिल्मों में काम किया था। उससे वह बिल्कुल भी खुश नहीं थी। उन्होंने बताया कि कर्ज के पैसे को चुकाने के लिए उन्हें सी ग्रेड फिल्मों में काम करना पड़ा था।

 

सुष्मिता ने वीडियो में कहा, 'मेरे एक फैन ने पूछा कि आपने इस तरह की गंदी फिल्मों में क्यों काम किया है? मुझे यह पढ़कर झटका लगा क्योंकि जिंदगी के उस मुश्किल दौर के बारे में सोचना बहुत मुश्किल है कि आखिर मैंने ऐसी सी ग्रेड और महिलाओं को नीचा दिखाने वाली फिल्मों में काम क्यों किया? हां, मैंने बेकार फिल्मों का चुनाव किया। क्या मुझे इसके लिए अपनी आत्मा बेचनी पड़ी? हां मुझे इसके लिए अपनी आत्मा बेचनी पड़ी। क्या मुझे ऐसा करके खुशी हुई? मुझे ऐसा करके बिल्कुल अच्छा नहीं लगा लेकिन मैं मजबूर थी।'

 

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सुष्मिता हो गई थी दिवालिया

सुष्मिता ने इस फैसले का कारण बताते हुए कहा, 'साल 2022 में हालात बदल गए थे क्योंकि उनके और उनकी पति की मीडिया फर्म प्रयास प्रोडक्शंस दिवालिया हो गई थी। उस दौरान मीडिया सेक्टर में तेजी से बदलाव आ रहे थे। उस वजह से उन पर भारी कर्ज हो गया था। हम पूरी तरह से दिवालिया हो गए थे। हम पर 1 करोड़ रुपये का कर्ज था। हमारे साथ-साथ ट्रैक सिनेमा और अनिल चौधरी प्रोडक्शंस भी दिवालिया हो गए थे। इसलिए कर्ज रिकवरी वाले थे घर आते थे। हमें बुरी-भली बातें कहते थे। वह बहुत ही बुरा समय था। मेरे बच्चे बहुत छोटे थे। इसलिए मुझे मजबूरी में दोबारा काम शुरू करना पड़ा। जो भी पैसा आता था, उससे हम एक करोड़ का कर्ज चुकाते थे।'

 

सुष्मिता ने आगे कहा, 'कर्ज चुकाने के लिए उन्हें और उनके पति को लगातार काम करना पड़ा था। उस कर्ज को चुकाने के लिए हमने 3 से 4 साल तक लगातार मेहनत की। इसी वजह से मुझे वह सभी मुश्किल फैसले लेने पड़े।'

 

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सुष्मिता बेटी को पढ़ाई के लिए भेजना चाहती थी विदेश

सुष्मिता ने आगे बताया, 'उन्हें बेटी को पढ़ाई के लिए विदेश भेजना था। जबकि मेरे पति चाहते थे कि हमारी बेटी इंडिया में ही पढ़ाई करें। वह पढ़ाई में अच्छी है इसलिए मैंने उसे विदेश भेजने का सोचा। वहीं मेरे पति राष्ट्रवादी है। उनका कहना था कि क्या यहां पर अच्छे कॉलेज नहीं है? मुझे हमेशा से लगता था कि उसे पढ़ाई के लिए विदेश भेजना है। मैंने उसे पढ़ाई के ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भेजा। मुझे इन सबके लिए पैसा कमाना था इसलिए मैंने इसका चुनाव किया। मुझे इसका कोई पछतावा नहीं है।'