सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने ताजा गिनती में घायलों की संख्या 309 बताई है। कुछ घायलों की हालत गंभीर है। यह इस हफ्ते इस एयरपोर्ट पर तीसरा हमला है। रिपोर्ट के मुताबिक यह सऊदी अरब में एक दशक से ज्यादा समय का सबसे घातक हमला है।
सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक मृतकों में 4 सऊदी नागरिक और 2 बांग्लादेशी हैं। अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के एक-एक नागरिक की भी जान गई। रिपोर्ट के मुताबिक हमला बिना किसी चेतावनी के हुआ। सऊदी अरब का अलर्ट सिस्टम तक काम नहीं कर पाया। अथॉरिटी ने रियाद आने वाली सभी उड़ानें दूसरे शहरों की ओर मोड़ दीं। एयरपोर्ट का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। यह रोक देर रात तक जारी रहेगी रहेगी।
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हूती विद्रोहियों ने क्या कहा है?
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के मीडिया कार्यालय के प्रमुख ने एक्स पर लिखा कि समूह ने रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद कर दिया है। हूती सऊदी अरब के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने सऊदी हवाई क्षेत्र को सैन्य अभियान का क्षेत्र बताया है। विमानों को वहां से दूर रहने को कहा है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया है।
जो लोग वहां मौजूद थे, क्या बता रहे हैं?
CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने एयरपोर्ट के भीतर धमाका सुना। उसने कई लोगों को जमीन पर घायल पड़े देखा। एक घायल यात्री ने रॉयटर्स को बताया कि बाहर आसमान में कुछ उड़ता दिखा। इसके बाद एक डिपार्चर गेट के पास छत का हिस्सा गिर गया। अस्पतालों में एंबुलेंस और हेलिकॉप्टर से घायल पहुंचाए गए। एक क्षेत्रीय अधिकारी के हवाले से बताया गया कि मिसाइल टर्मिनल 3 और 4 वाले परिसर पर गिरी। ये टर्मिनल घरेलू उड़ानों के लिए हैं।
अमेरिकी नागरिक भी मारा गया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पुष्टि की कि मृतकों में एक अमेरिकी नागरिक है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सऊदी अरब पर हाल के हमलों की कड़ी निंदा करता है और ये हमले तुरंत रुकने चाहिए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अमेरिका हूतियों पर कार्रवाई करगा? रियाद में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
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हूतियों और सऊदी अरब का झगड़ा क्या है?
सऊदी अरब 2015 में अरब गठबंधन की अगुवाई करते हुए यमन युद्ध में उतरा था। मकसद हूतियों को राजधानी सना से बाहर करना था। हूतियों ने सना पर कब्जा कर लिया था। युद्ध में बड़ी संख्या में यमन नागरिक मारे गए। सऊदी अरब ने 2022 में हूतियों से समझौता कर संघर्ष को रोका था। यह संघर्षविराम पश्चिम एशिया के मौजूदा तनाव की वजह से टूट गया। इसके बाद हूतियों ने लाल सागर के अहम रास्ते बाब-अल-मंदेब पर सऊदी समर्थित सरकारी बलों से भिड़ना शुरू कर दिया।
यमन पर कब्जा कर लेंगे हूती?
सऊदी समर्थित यमनी सरकार ने इसी हफ्ते सोमवार को इलाके को वापस लेने के लिए हमला शुरू किया। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें अब तक धीमी बढ़त मिली है। हूतियों ने यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताइज को घेर रखा है। सऊदी अरब और यमन सरकार ने हूती इलाकों में सैकड़ों हमलों का दावा किया है। हूतियों का कहना है कि इनमें महिलाएं और बच्चे समेत आम नागरिक मारे गए हैं।
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अब कैसे हालात हैं?
सऊदी अलायंस ने शनिवार को दावा किया है कि दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा था। पूर्वी क्षेत्र में स्थित यह एयरपोर्ट रियाद पर हमलों के बाद अहम विकल्प बन गया है। रियाद आने वाली सभी उड़ानें या तो मोड़ी गईं या रद्द कर दी गईं हैं। फ्लाइटअवेयर के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में रियाद एयरपोर्ट पर कम से कम 291 उड़ानें रद्द हुईं।
कई एयरलाइनों ने पहले ही रियाद की सेवाएं रोक दी थीं। रियाद में जल्द ही बड़े ऊर्जा और निवेश सम्मेलन होने हैं। आयोजकों ने हमले से पहले कहा था कि वे तय कार्यक्रम के मुताबिक होंगे। सऊदी अधिकारियों ने लोगों को मिसाइल और ड्रोन रोके जाने और उनके गिरने की जगहों की वीडियो बनाने या जानकारी साझा करने से मना किया है।
