रूस ने यूक्रेन के खिलाफ आक्रामक हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्त्स के यूक्रेनी की राजधानी कीव पहुंचते ही रूस ने नॉर्दन पुल पर लगातार दूसरे दिन बड़ा हमला कर दिया। सायरन और धमाकों की आवाज के बीच फ्रेडरिक मर्त्स और जेलेंस्की ने नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में मुलाकात की। करीब छह दिन पहले रूस इस संस्थान पर भी ड्रोन हमला कर चुका है।
कीव के नॉर्दन पुल पर हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें साफ दिख रहा है कि पुल पर ट्रैफिक सामान्य है। तभी तेज रफ्तार से एक ड्रोन पुल से जा भिड़ता है। धमाके के साथ धुएं और आग का एक बड़ा गुबार ऊपर उठते दिखता है। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक हमले में दो नागरिक घायल हुए हैं। एक दिन पहले ही रूस ने विदेशी नागरिकों और अन्य देशों के राजनयिकों को कीव छोड़ने का अलर्ट जारी किया था, ताकि वे हताहत न हो सके।
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आने वाले हफ्तों में यूक्रेन को हमारे सभी समर्थन की जरूरत होगी। अगर रूस को नहीं रोका गया तो उसकी युद्ध मशीन देर-सवेर हमारे खिलाफ होगी। - फ्रेडरिक मर्त्स, जर्मन चांसलर।
रूस ने बदली अपनी रणनीति
रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पहले जब कोई बड़ा नेता यूक्रेन का दौरा करता था तो हमलों की तीव्रता कम कर दी जाती थी। मगर अब रूस ने यूरोपीय नेताओं की यात्रा के दौरान आक्रामकता को और बढ़ाना शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले ब्रिटेन के पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन ने यूक्रेन का दौरा किया था। पोलैंड सीमा पर उनके गुजरते ही एक ट्रेन पर भी रूस ने ड्रोन से अटैक किया था।
'रूस को मिलकर रोकना होगा'
जेलेंस्की ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि आज जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्स कीव का दौरा कर रहे हैं। वे एक ऐसे देश के नेता हैं, जो रूसी हमलों से यूक्रेनियन लोगों की जान बचाने में लगातार नेतृत्व दिखाते रहे हैं। हम हर तरह के सहयोग के लिए आभारी हैं। आज हम ऐसे फैसलों की तैयारी कर रहे हैं, जिनसे हमें यानी यूक्रेन और पूरे यूरोप को अपनी सुरक्षा करने की बेहतर क्षमता मिल सके। यूक्रेन और जर्मनी के बीच महत्वपूर्ण समझौते होंगे। रूस को मिलकर रोकना होगा।
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बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा रूस: जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस की सेना लगातार उनके बुनियादी ढांचे और आम जिंदगी से जुड़ी चीजों को निशाना बना रही है। आगे बताया कि आज सुबह कीव में एक शाहेद ड्रोन ने पिवनिचनी ब्रिज पर हमला किया गया। रातभर रिहायशी इमारतों, रेलवे और ऊर्जा ढांचे पर हमला किया गया। चोरनोमोर्स्क में एक ड्रोन ने एक जहाज को निशाना बनाया।
