अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ अपना टैरिफ वाला पुराना तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके हर दांव की तरह, यह दांव भी बेकार जा रहा है। ईरान पर पहले से कई प्रतिबंध अमेरिका ने लगाए हैं, नए प्रतिबंधों का भी असर नहीं दिख रहा है। शांतिवार्ता, धमकी से टैरिफ के दांव तक, ईरान जंग में डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह फंस गए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह हार्मुज की खाड़ी खुली नहीं रखेगा तो अमेरिका वहां नौसेना से नाकाबंदी कराएगा। फारस की खाड़ी में होर्मुज, दुनिया के 20 फीसदी कच्चे तेल का रास्ता है। ट्रंप ने रविवार को फिर से कहा कि अमेरिकी नौसेना इस स्ट्रेट को बंद कर देगी।

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टैरिफ वाला दांव बेअसर

2025 में ट्रंप ने चीन के साथ भी इसी तरह की सख्ती की थी। उन्होंने चीन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। चीन ने जवाब में दुर्लभ खनिजों का निर्यात रोका तो ट्रंप को पीछे हटना पड़ा और टैरिफ कम करने पड़े। अब ईरान भी चीन की तरह रुख अपना रहा है।

होर्मुज पर उलझ गए हैं डोनाल्ड ट्रंप

ईरान का होर्मुज पर पूरा नियंत्रण है। अमेरिका, कब्जे की बात कर रहा है लेकिन होर्मुज में ईरान की मर्जी के बिना घुसना बेहद मुश्किल है। ईरान, लगातार अमेरिका पर दबाव बना रहा है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि झुकेगा अमेरिका, ईरान नहीं।

होर्मुज पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। Photo Credit: PTI

मोहम्मद बागेर गालिबाफ, स्पीकर, ईरान:-
अभी पेट्रोल की जो कीमत है उसका आनंद लीजिए। ब्लॉकेड के बाद आप 4-5 डॉलर प्रति गैलन वाले पेट्रोल को याद करोगे।

ट्रंप की धमकियों का दुनिया पर असर क्या?

ट्रंप की इस धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 8 फीसदी बढ़ गईं और 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो तेल की कीमत 120 डॉलर तक जा सकती है। 

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आत्मघाती कदम उठा रहे हैं ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप के फैसले से अमेरिकी उपभोक्ताओं को नुकसान होगा। CNN की एक रिपोर्ट बताती है कि पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ सकती हैं। आम परिवार को हर महीने सामान और सेवाओं पर 233 डॉलर ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। महंगाई बढ़ेगी और घर खरीदने व कर्ज लेने की लागत भी बढ़ सकती है।

अब क्या करने वाले हैं ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी बड़ी ताकत का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन अब वजह मिल गई है। ईरान झुकने को तैयार नहीं दिख रहा। ईरान का मानना है कि होर्मुज पर नियंत्रण उसका सबसे बड़ा हथियार है, जो युद्ध रोकने और बातचीत की मेज पर लाने में मदद कर सकता है।

अब आगे क्या?

डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक, उन्हें बार-बार आगाह कर रहे हैं कि ट्रेड वॉर और असली युद्ध में फर्क होता है। यहां सैनिकों की जान का खतरा है और आर्थिक नुकसान लंबे समय तक रह सकता है। अभी तक ट्रंप की यह रणनीति ईरान पर असर नहीं दिखा रही है। ईरान, हर मोर्चे पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।