केरल के वायनाड में 25 स्कूली छात्र शिगेला संक्रमण से संक्रमित हो गए है। इन सभी छात्रों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। केरल के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने बताया कि सभी बच्चों की हालत स्थिर है। इस संक्रमण की वजह से एक चार साल के बच्चे की मौत हो गई थी। अभी तक शिगेला संक्रमण के 123 मामले सामने आ चुके हैं। आइए इस बीमारी के लक्षण और बचाव के बारे में जानते हैं।

 

शिगेला संक्रमण आपके आंत को प्रभावित करता है। शिगेला एक बैक्टीरियल बीमारी है। इस संक्रमण का असर सबसे ज्यादा असर 5 साल से छोटे बच्चों पर पड़ता है। हालांकि यह संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। शिगेला संक्रमण का लक्षण संक्रमित होने के एक या दो दिन बाद दिखता है।

 

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शिगेला संक्रमण के लक्षण

  • डायरिया ( मल के साथ खून आना)
  • पेट दर्द
  • बुखार
  • उल्टी
  • दस्त 

Mayo clinic के मुताबिक इस संक्रमण के लक्षण 7 दिनों तक दिख सकते है। कुछ लोगों में इससे ज्यादा दिनों बाद भी लक्षण दिख सकते हैं। कुछ लोगों में शिगेला संक्रमण का लक्षण नहीं दिखाई देता है लेकिन संक्रमित मल दूसरे व्यक्ति को बीमार कर सकता है।

 

कैसे फैलता है संक्रमण?

  • शिगेला बैक्टीरिया मल या कोई भी छोटी सी संक्रमित चीज से फैल सकता है।
  • गंदा पानी
  • खाने को ढंग से नहीं पकाना या गंदा खाना खाने से।
  • हाथों को साफ नहीं रखना
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना
  • भीड़ भाड़ वाली जगह पर वॉशरूम में ढंग से साफ-सफाई न होना।

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डॉक्टर को कब दिखाएं?

  • जब डायरिया के साथ खून आने लगे। डायरिया की वजह से पानी की कमी और वजन कम होने लगा। 
  • डायरिया के साथ 102 डिग्री बुखार आना।
  • पेट में बहुत तेज दर्द होना
  • बार-बार उल्टी आना
  • डिहाइड्रेशन की वजह से पेशाब न होना, मुंह और गला सूखना, खड़े होने पर चक्कर आने की समस्या।

इस संक्रमण से बचने के लिए बाहर की खाने पीने की चीजों को स्वच्छ जगह से खाएं। हमेशा बोतल बंद पान पिएं। हाथों को कुछ भी खने से पहले साबुन से धोएं। बुखार या दस्त लगने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।