ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण से संबंधित मामला दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अब अपने ही आरोपों से पीछे हट गए हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपने ही गुरु भाई रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।  सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उन पर दबाव बनाकर शिकायत दर्ज करवाई गई थी और यह पूरा मामला एक साजिश का हिस्सा था। इस बयान के बाद यह विवाद फिर से चर्चा में आ गया है और कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि उन्होंने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ जो भी फर्जी मुकदमे दर्ज कराए थे, वह रामचंद्र दास के भारी दबाव और षड्यंत्र के तहत किए थे। अब उन्होंने इस पूरे मामले में एक शिकायत मथुरा के वरिष्ट पुलिस अधीक्षक को भेज दी है और कार्रवाई की मांग की है। 

 

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क्या है पूरा विवाद?

प्रयागराज माघ मेले के दौरान शुरू हुए विवाद के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने बटुकों का यौन उत्पीड़न का आरोप अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाया था। जिसके बाद 8 फरवरी को प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का नाम आने के बाद यह काफी चर्चा में आया। देशभर में इस पर बहस होने लगी। पॉक्सो कोर्ट के स्पेशल जज विनोद कुमार चौरसिया ने 21 फरवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद अटकलें तेज हो गई थीं कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, अब आशुतोष ब्रह्मचारी के बयान से उन्हें काफी राहत मिलेगी। 

रामचंद्र दास पर उठे सवाल

आशुतोष ब्रह्मचारी ने रामचंद्र दास पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रामचंद्र दास हमारे गुरु भाई हैं, लेकिन यह कहते हुए भी मुझे दुर्भाग्य महसूस हो रहा है। उन्होंने आगे कहा, 'गुरु के प्रति मेरा सम्मान आजीवन रहेगा, लेकिन इस ढोंगी ने गुरु की हत्या करने का षड्यंत्र तक रच डाला। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर फर्जी मुकदमा लगवाने का जो षड्यंत्र था, उसके लिए रामचंद्र दास ने मुझ पर दबाव बनाया था और मुझे गुमराह किया था।'

अधिकारियों पर भी लगाए आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में कुछ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका रही। उन्होंने साफ कहा कि इस खेल में कई अधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अभी तक संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी जांच एजेंसी ने सार्वजनिक रूप से इन दावों की पुष्टि की है। 

 

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आश्रम पर कब्जे की लड़ाई

मथुरा में स्थित देव बाबा जी के आश्रम को लेकर भी आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यह आश्रम श्रवण समाज ट्रस्ट के अधीन है। उनका आरोप है कि इस आश्रम को हड़पने के लिए रामचंद्र दास ने एक फर्जी वसीयत तैयार की और मामला दर्ज करके आश्रम पर कब्जा कर लिया। आशुतोष ब्रह्मचारी ने ऐलान किया है कि अगर पुलिस इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है, तो वह न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।