हैदराबाद में मेडिकल साइंस का एक अनोखा मामला सामने आया है। चीन के वुहान शहर में बैठे एक भारतीय डॉक्टर ने हैदराबाद में मौजूद एक महिला की सफल रोबोटिक सर्जरी की है। दोनों के बीच करीब 3,900 किलोमीटर की दूरी थी लेकिन इंटरनेट और रोबोटिक तकनीक की मदद से यह ऑपरेशन बिना किसी रुकावट के पूरा हो गया। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने इस पूरी प्रक्रिया का एक वीडियो भी जारी किया है। सर्जरी पूरी तरह कामयाब रही और मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।

 

यह ऑपरेशन हैदराबाद के एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (AINU) के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर सैयद मोहम्मद गौस ने किया है। वह इस अस्पताल में 'रोबोटिक एंड मिनिमल एक्सेस यूरोलॉजिकल सर्जरी' के डायरेक्टर भी हैं। डॉक्टर गौस एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए चीन के वुहान गए हुए थे। इसी दौरान हैदराबाद में एक 57 साल की महिला मरीज को 'यूरेटरिक ऑब्स्ट्रक्शन' यानी यूरिनरी ब्लैडर तक जाने वाली नली में ब्लॉकेज की शिकायत थी। डॉक्टर ने बताया कि आमतौर पर वह मरीज के पास रहकर ही रोबोट और कंसोल के जरिए यह ऑपरेशन करते हैं लेकिन कॉन्फ्रेंस की वजह से इस बार इसे वुहान से ही ऑपरेट किया गया।

 

यह भी पढ़ें: CBSE की खुली पोल, रटी-रटाई स्क्रिप्ट पढ़ते दिखे देश भर के प्रिंसिपल

कैसे हुई यह टेली-सर्जरी?

डॉक्टर गौस ने चीन में बैठकर कंप्यूटर कंसोल के जरिए हैदराबाद के ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रोबोट को कंट्रोल किया। इस तकनीक को 'रोबोटिक्स-असिस्टेड टेली-सर्जरी' कहा जाता है। डॉक्टर चीन में थे लेकिन किसी भी इमरजेंसी के लिए हैदराबाद में मरीज के पास एक असिस्टेंट डॉक्टर को तैनात किया गया था। डॉक्टर गौस ने वुहान से ही रोबोट की मदद से महिला की ब्लॉक नली को खोला और उसे दोबारा ब्लैडर से जोड़ दिया। मेडिकल की भाषा में इसे 'यूरेटरिक रीइम्प्लांटेशन' कहते हैं। यह पूरी सर्जरी करीब 90 मिनट में खत्म हो गई। डॉक्टर गौस ने कहा कि उस कॉन्फ्रेंस में 4-5 दूसरे देशों के सर्जन भी आए थे जिन्होंने वहीं से अपने-अपने देशों में मरीजों की टेली-सर्जरी की थी।

बदल जाएगा इलाज का तरीका

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रोबोटिक्स के जरिए दूर से ऑपरेशन करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जुलाई 2025 में भारत के मशहूर बैरियाट्रिक मेटाबॉलिक सर्जन डॉक्टर मोहित भंडारी ने फ्रांस के स्ट्रासबर्ग शहर से इंदौर के एक मरीज की दुनिया की पहली 'ट्रांसकॉन्टिनेंटल बैरियाट्रिक सर्जरी' यानी वजन घटाने का ऑपरेशन की थी।

 

यह भी पढ़ें: कौन थीं विधि मेघा? कनाडा में हत्या, 15 दिन बाद भी भारत को नहीं मिली लाश

 

दिल्ली में 9 से 12 अप्रैल को 'ग्लोबल रोबोटिक सर्जरी कॉन्फ्रेंस' का तीसरा प्रोग्राम हुआ था। इस दौरान डॉक्टर भंडारी ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी आने वाले समय में इलाज के तरीके को पूरी तरह बदल देगी। उन्होंने कहा कि अभी तक बड़े ऑपरेशन सिर्फ बड़े शहरों के बड़े अस्पतालों में ही होते हैं लेकिन टेक्नोलॉजी में आ रहे तीन बड़े बदलावों की वजह से अब यह तरीका बदलने वाला है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गांवों और छोटे शहरों के मरीजों को भी बड़े शहरों में भागे बिना अपने ही इलाके में सबसे अच्छा इलाज मिल सकेगा।