दिल्ली में जंतर मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़का है। दिल्ली में पुलिस की भारी बैरिकेडिंग के बाद भी लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंच रहे हैं। चुनाव आयोग, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई तक युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में गांधी जयंती के अवसर पर जंतर मंतर पर कई छात्र संगठन, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और राजनीतिक दल ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने के लिए पहुंचे।

पुलिस ने बलपूर्वक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। उन्हें  बसों में भरकर उन्हें दूर ले जाया गया है। सैकड़ों मीडियाकर्मी आज इस प्रदर्शन को कवर करने के लिए जंतर मंतर पहुंचे। प्रदर्शनकारी जंतर मंतर आते रहे और नारेबाजी करते रहे लेकिन पुलिस भी मुस्तैदी से उन्हें हिरासत में लेती रही। मीडियाकर्मियों के पास वीडियो और फोटो सब कुछ था लेकिन उनके पास इंटरनेट नहीं था। इस वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। 

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जंतर मंतर के आसपास के इलाकों में इंटरनेट ठप

दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शन को रोकने के लिए जंतर मंतर के चार से पांच किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। इस वजह से इसके आसपास आने जाने वाले आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आम लोग इस प्रदर्शन की वजह से जूझते नजर आए। 

कोई कैब बुकिंग के लिए परेशान, किसी का UPI ठप

लोग ना तो किसी को मेसेज भेज पा रहे थे और ना ही रिसीव कर पा रहे थे। इतना ही नहीं लोग आने जाने के लिए कैब बुक नहीं कर पाए, दुकानों पर लोग सामान खरीदने के बाद UPI पेमेंट करने लगे तो नेट ना होने के कारण पैसे नहीं दे पाये। कई लोग इसी परेशानी की वजह से कई किलोमीटर पैदल भी चले क्योंकि वे अपने साथ कैश लाना भूल गए। 

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जमकर हुई कैश में खरीदारी 

जंतर मंतर के आसपास इंटरनेट प्रभावित इलाकों में आज लोगों ने कैश में खरीददारी की। मगर सैकड़ों लोग इंटरनेट बंद होने की वजह से परेशान दिखे। ऐसे से लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार चुनाव आयोग के खिलाफ उठ रहे विरोध को दबाने के लिए जंतर मंतर के आसपास के इलाकों में सेंसर लगाने की तैयारी में है?

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प्रदर्शन से क्या हासिल हो सकता है?

दिल्ली के जंतर मंतर पर करीब 2 महीने पहले हुए प्रदर्शन की वजह से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ गया था। कॉकरोच जनता पार्टी और जेन जी की अगुवाई में जंतर मंतर पर 30 दिनों से ज्यादा लोग लगातार जुटे और नतीजा इस्तीफे तक पहुंचा। मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल किया, जब उन्हें पुलिस अस्पताल उठा ले गई, तब इस हड़ताल को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे जारी रखा। एक बार फिर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए लोग दिल्ली में जुट रहे हैं। पुलिस उन्हें जुटने से रोक रही है।