बीते कुछ सालों में बैंकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले काफी बढ़े हैं। कभी कोई फोन करके OTP मांगता है और पैसे उड़ा देता है तो कभी लोगों की छोटी गलतियों के चलते वे ऐसे फ्रॉड का शिकार होते हैं। रिजर्व बैंक कहता है कि ऐसी धोखाधड़ी की शिकायत आप कर सकते हैं और कई बैंक ऐसे पैसों को वापस दिलाने की बात भी कहते हैं। इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि बैंक धोखाधड़ी में गए पैसों में से 5 से 20 प्रतिशत तक पैसे ही वापस मिल पाते हैं। कुछ बैंकों में रिकवरी अच्छी है लेकिन कई बैंकों में 5 प्रतिशत से भी कम पैसे वापस मिल पाते हैं।
अगर सालाना हिसाब देखें तो 2025-26 में कुल 5786 केस सामने आए जिसमें 35,671.48 करोड़ रुपये की ठगी हुई और कुल 2514.39 करोड़ यानी सिर्फ 7.05 प्रतिशत पैसे ही रिकवर हो पाए। इससे साफ होता है कि रिकवरी के बाद भी बैंक धोखाधड़ी करने वाले लोग हर दिन कम से कम 90 करोड़ रुपये कमा ले रहे हैं।
ये आंकड़े बताते हैं कि तमाम दावों से इतर यह सच है कि अगर बैंक से जुड़ी धोखाधड़ी होती है तो आपके पैसे वापस मिल पाना मुश्किल है। अच्छी खबर यह है कि रिकवर हो रहे पैसों की मात्रा में पिछले 3 साल में इजाफा हुआ है। 2023-24 में जहां सिर्फ 3.73 प्रतिशत पैसे ही रिकवर हो पाए थे। उसकी तुलना में 2024-25 में 5.54% और 2025-26 में 7.05 प्रतिशत की रिकवरी हुई है।
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कांग्रेस के राज्यसभा सासंद इमरान प्रतापगढ़ी ने 11 अगस्त को वित्त मंत्रालय से इससे जुड़ा सवाल पूछा था। उन्होंने बैंकों के NPA, बैड लोन, बैंकिंग से जु़ड़ी धोखाधड़ी आदि से जुड़े कुल 5 सवाल पूछे थे। इन्हीं सवालों के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने लिखित जवाब दिया है।
बैंक धोखाधड़ी के बारे में क्या पता चला?
पब्लिक सेक्टर के 12 बैंकों के ग्राहकों के साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में वित्त मंत्रालय ने बताया है कि पिछले तीन साल में केस की संख्या में लगभग 10 गुना की कमी आई है। 2023-24 में कुल 54,850 केस सामने आए थे जबकि 2025-26 में सिर्फ 5786 केस ही सामने आए। हालांकि, इसकी एक दूसरी तस्वीर भी है। पहले जहां 54,850 केस में कुल 8249.75 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी, वहीं 2025-26 में कुल 35,671.48 करोड़ की ठगी हो गई।
यह दिखाता है कि पिछले 3 साल में केस की संख्या में जहां लगभग 10 गुना की कमी आई है तो इतने ही समय में घपले की राशि में लगभग 4 गुना से ज्यादा का इजाफा हो गया है। थोड़ी राहत की खबर यह है कि जहां 2023-24 में सिर्फ 307.67 करोड़ की रिकवरी हुई थी, वहीं, 2025-26 में 2514.39 करोड़ की किरवरी की गई।
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कितनी हो पाती है रिकवरी?
अगर पैसों के हिसाब से देखें तो 2023-24 में कुल 8249.75 करोड़ की ठगी हुई जिसमें से सिर्फ 3.73 प्रतिशत यानी 307.67 करोड़ की रिकवरी हो पाई। 2024-25 में 22,582.33 करोड़ में से 5.54 प्रतिशत यानी 1250.06 करोड़ और 2025-26 में 35671.48 करोड़ में से 7.05 प्रतिशत यानी 2514.39 करोड़ की ही रिकवरी हुई।
अगर बड़े बैंकों के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा ठगी स्टेट बैंक के ग्राहकों से हुई है। इतना ही नहीं, SBI के ग्राहकों से हुई ठगी के मामले में रिकवरी भी बहुत कम हुई है। साल 2023-24 में SBI से ग्राहकों से 2787.03 करोड़ की ठगी हुई और सिर्फ 18.41 करोड़ यानी 0.66 प्रतिशत ही रिकवर हुए। 2024-25 में 7573.77 में से 32.63 करोड़ यानी 0.42 प्रतिशत की रिकवरी हुई। 2025-26 में SBI के ग्राहकों ने 8992.12 करोड़ रुपये बैंक धोखाधड़ी में गंवाए। इसमें से सिर्फ 2.75 प्रतिशत यानी 246. 98 करोड़ रुपये ही रिकवर हो पाए।
