लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर एक बार फिर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने शनिवार को एक मलयालम न्यूज चैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन पर चुनाव में मैच फिक्संग का आरोप लगाया। रिपोर्ट में केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन के हवाले से दावा किया गया है कि 2016 में ज्ञानेश कुमार ने उन्हें BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने का सुक्षाव दिया था।

 

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि उस समय ज्ञानेश कुमार IAS अधिकारी के तौर पर काम कर रहे थे और उन्होंने BJP के लिए राजनीतिक भर्ती की कोशिश की। राहुल ने आगे कहा कि बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें अंपायर बनाकर देश के चुनावों की जिम्मेदारी सौंप दी। ये आरोप मीडिया रिपोर्ट और थॉमसन के दावे पर आधारित हैं।

 

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क्या है थॉमसन का दावा?

एशियानेट न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जीजी थॉमसन ने बताया कि 2016 में दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट में उनकी ज्ञानेश कुमार से बातजीत हुई थी। थॉमसन के अनुसार, कुमार ने रिटायरमेंट के बाद की उनकी योजना पूछी और फिर 2019 का लोकसभा चुनाव BJP के टिकट पर लड़ने का सुक्षाव दिया।

 

थॉमसन ने दावा किया कि उन्हें पहले सांसद और बाद में केंद्रीय मंत्री बनने की बात कही गई थी। उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकराने की बात कही। थॉमसन के मुताबिक, उस समय ज्ञानेश कुमार सरकारी सेवा में थे और उन्होंने राजनीतिक गतिविधि में सरकारी अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

 

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SIR को लेकर भी चुनाव आयोग पर उठे सवाल

राहुल गांधी का ताजा हमला चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर कई बार आपत्ति दर्ज कराई थी। इनमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे। इस रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि आंतरिक स्तर पर अलग-अलग राय होना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है।