तृणमूल कांग्रेस को अब संसद में भी झटका लगने लगा है। अब राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उधर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दिल्ली में हैं और दोनों INDIA गठबंधन की मीटिंग में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इससे पहले पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के विधायक दल में भी बगावत हो चुकी है और लगभग 60 विधायक अब ऋतब्रत बनर्जी के साथ हैं और वे अलग गुट बना चुके हैं। चर्चा है कि आने वाले समय में और राज्यसभा सांसद और कुछ लोकसभा सांसद भी या तो इस्तीफा दे सकते हैं या फिर वे पाला बदल सकते हैं।
सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा की सदस्यता के साथ-साथ टीएमसी से भी इस्तीफा दे दिया है। चर्चा है कि अब वह बीजेपी में शामिल होकर उसके कोटे से राज्यसभा जा सकता है। हाल ही में ऋतब्रत बनर्जी और कई बीजेपी नेताओं ने भी दावा किया था कि कई सांसद टीएमसी छोड़ सकते हैं। चर्चा है कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों में ही टीएमसी के दल में टूट हो सकती है। अभी तक टीएमसी के राज्यसभा सदस्यों की संख्या 13 थी लेकिन सुखेंदु के इस्तीफे के बाद यह संख्या 12 पर आ गई है।
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सुखेंदु शेखर ने क्यों दिया इस्तीफा?
सुखेंदु शेखर रे ने एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा है, 'हाल ही में पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने बीजेपी को पहली बार पूर्ण बहुमत दिया है और 15 साल से चल रहे तृणमूल कांग्रेस के अराजक राज का अंत कर दिया। ऐसा हुआ क्योंकि असीमित भ्रष्टाचार था, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हुआ। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कानून-व्यवस्था और रोजगार आदि मुद्दों पर सरकार फेल रही। वहीं, नई जनता की सरकार ने पश्चिम बंगाल के पुनर्निर्माण के लिए अपने मैनिफेस्टो के हिसाब से तुरंत काम करना शुरू कर दिया है।'
उन्होंने आगे लिखा कहा है, 'ऐसे में मैं जनता के इस ऐतिहासिक फैसले को स्वीकार करता हूं और मैंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही, मैंने तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।'
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सुखेंदु शेखर ने क्या-क्या बताया?
मीडिया से बातचीत में सुखेंदु शेखर रे ने कहा है, 'जनता इतनी खफा क्यों हो गई? इसके लिए पार्टी में कोई पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ। पिछले 15 साल में जिन लोगों के पास पद थे, उनके पास जाना आसान नहीं था। उनके पैर जमीन पर नहीं थे। जिन लोगों ने खून-पसीना देकर पार्टी को मजबूत किया वे पीछे चले गए और दलाल, चोर और डकैत आगे आ गए। मैं नई सरकार से मांग रहा हूं कि जांच हो कि पिछले 5 साल में बंगाल के अस्पतालों में जो सामान खरीदा गया, किससे खरीदा गया, वह कितने में खरीदा गया और टेंडर हुआ था कि नहीं, यह सब पता लगाया जाए।'
कौन हैं सुखेंदु शेखर रे?
पत्रकार रहे सुखेंदु शेखर 'जागो बांग्ला' के संपादक हुआ करत थे। साल 2011 तक कांग्रेस में रहे सुखेंदु शेखर शुरुआत से ही ममता बनर्जी के साथ रहे। साल 2022 से ही वह राज्यसभा के सांसद हैं। मौजूदा वक्त में वह राज्यसभा में टीएमसी के चीफ व्हिप भी थे।
2011 में पहली बार राज्यसभा के सांसद बने शुखेंदु शेखर का मौजूदा कार्यकाल 18 अगस्त 2029 को खत्म होना था।
