कर्नाटक में मुख्यमंत्री बनने के लिए डीके शिवकुमार नहीं, जी परमेश्वरा, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पहली पसंद थे। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस सरकार 5 लोगों को डिप्टी सीएम बनाने का प्रस्ताव दे रही थी, तब उन्होंने सुझाव दिया कि डिप्टी सीएम, सिर्फ एक को बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी और राज्य में प्रमोशन में आरक्षण नहीं है, सिर्फ कर्नाटक में ही है, उन्होंने खुद को इसका श्रेय दिया।
सिद्धारमैया ने कहा कि जब सब लोग विरोध कर रहे थे, तब भी वह प्रमोशन में आरक्षण पर अड़े थ। उन्होंने कहा कि इसे कोर्ट में चुनौती दी गई और नतीजे कर्नाटक सरकार के पक्ष में आए। सिद्धारमैया ने कहा जब वह ऐसे प्रस्ताव कर रहे थे, तब उनके खिलाफ नारेबाजी की गई थी। जी परमेश्वरा भी अनुसूचित जाति से आते हैं। सिद्धारमैया इसी बारे में बात कर रहे थे।
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'5 डिप्टी CM बनने थे, मैंने जी परमेश्वरा को बनवाया'
सिद्धारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस:-
क्या आप जानते हैं कि मौजूदा सरकार में जी परमेश्वर को डिप्टी सीएम किसने बनाया? वे चार या पांच लोगों को डिप्टी सीएम बनाने के बारे में सोच रहे थे, किसने कहा कि सिर्फ एक व्यक्ति को मौका दिया जाना चाहिए?
कर्नाटक में प्रमोशन में आरक्षण सिद्धारमैया की देन?
सिद्धारमैया ने कहा, 'क्या किसी और राज्य में प्रमोशन में आरक्षण है? जब रत्नाप्रभा चीफ सेक्रेटरी थीं, तो हमने उनकी अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई, रिपोर्ट ली और उसे कानून के तौर पर लागू किया। इसे कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन फैसला हमारे पक्ष में आया। सिर्फ़ कर्नाटक में ही प्रमोशन में आरक्षण है। यह सब कैसे मुमकिन हुआ?'
सिद्धारमैया ने कहा, 'इतना सब करने के बाद भी, इसी मीटिंग में मौजूद कई लोगों ने इंटरनल रिज़र्वेशन लागू करने से पहले मेरे खिलाफ नारे लगाए थे। इसीलिए मैंने कई बार कहा है, आपको पहचानना होगा कि कौन आपके साथ है और कौन आपके विरोधी हैं।'
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जी परमेश्वरा ने क्या बताया?
कर्नाटक के डिप्टी चीफ मिनिस्टर जी परमेश्वर ने कहा, 'सिद्धारमैया और मैं कई सालों से साथ काम कर रहे हैं। मैं 8 साल तक PCC प्रेसिडेंट रहा। हमने साथ काम किया। फिर 2015 में मैं होम मिनिस्टर के तौर पर उनकी कैबिनेट में शामिल हुआ। फिर 2023 में मैं उनकी मिनिस्ट्री में शामिल हुआ। हम साथ काम करते रहे हैं और वे मुझे अच्छी तरह जानते हैं। मुझे हैरानी नहीं है कि कल उन्होंने कहा कि उन्होंने सीएम पद के लिए मेरी सिफारिश की थी। तब हाई कमान की योजना कुछ और थी और उन्होंने शिवकुमार को चीफ मिनिस्टर बनाया और उन्होंने डिप्टी चीफ मिनिस्टर पद के लिए मेरा नाम सुझाया होगा।'
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क्यों हुई थी सिद्धारमैया की विदाई?
कर्नाटक में सिद्धारमैया की मुख्यमंत्री पद से विदाई कांग्रेस हाईकमान तक राज्य के सियासी कलह के पहुंचने की वजह से हुई। साल 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कथित ढाई-ढाई साल के सत्ता-साझेदारी का ढाई-ढाई साल का कथित तौर पर फॉर्मूला तैयार हुआ था। तय समय के हिस्से ज्यादा वह समय पूरा कर चुके थे। डीके शिवकुमार ने पार्टी पर खूब दबाव बनाया। कलह बढ़ा तो पार्टी ने सिद्धारमैया से इस्तीफा देने के लिए कहा। साल 2028 विधानसभा चुनाव से पहले सरकार-विरोधी माहौल को सीमित करने के लिए कांग्रेस ने वोक्कालिगा नेता शिवकुमार की बात मान ली। अब वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खडगे राज्य के गृहमंत्री हैं।
