ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी बिहार में पार्टी को बेहतर पोजीशन पर पहुंचाने के बाद उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो गए हैं। बिहार में अकेली लड़ी AIMIM के पांच विधायक मुस्लिम बाहुल्य इलाकों से जीतकर बिहार विधानसभा पहुंचे हैं। ऐसे में यूपी में विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले ओवैसी की सक्रियता ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी खेमों में चिंता पैदा कर दी है। हैदराबाद से पांच बार के लोकसभा सांसद ने पिछले दिनों आजमगढ़ और कानपुर में कई रैलियां की हैं। इन रैलियों में उन्होंने पार्टी को मजबूत करने और लोगों से वोट मांगकर पार्टी के विधायक विधानसभा में भेजने की बात कही है।

 

ओवैसी यूपी में अपनी पार्टी AIMIM को मजबूत करने के लिए लगातार रैलियां कर रहे हैं। इन रैलियों में वह सत्तारूढ बीजेपी को छोड़कर सबसे अधिक समाजवादी पार्टी के ऊपर हमले कर रहे हैं। ओवैसी कर रहे हैं कि खुद को सेक्युलर कहने वाले ही सबसे बड़े पापी हैं, जिन्होंने मुसलमानों को हमेशा पीछे रखा है। उन्होंने कहा कि यूपी में 70 फीसदी 15 साल  से ज्यादा के बच्चे अपनी प्राइमरी शिक्षा पुरी नहीं कर पाते, यूपी के मुस्लिम परिवारों में महीना 755 रुपये खर्च होता है।   

 

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मुसलमानों की बताई व्यथा

यूपी में 48 फीसदी लोगों को पास जमीन नहीं है, जबकि 25 फीसदी हिंदी भूमिहीन हैं। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई इंसाफ के लिए है। उन्होंने मुसलमान बच्चों के भविष्य को अंधकार में डालने का आरोप लगाया। कानपुर की इस रैली में ओवैसी ने कहा कि ये जो खुद को सेक्युलर-सेक्युलर कहते हैं, वही सबसे बड़े पापी हैं। उन्होंने यहीं से ऐलान किया कि कानपुर में AIMIM का उम्मीदवार होगा और वह खुद चुनाव प्रचार के लिए कानपुर आएंगे।

कानपुर को रण बनाएंगे ओवैसी?

सांसद ओवैसी ने सीएम योगी आदित्यनाथ के ऊपर भी कानपुर की इस रैली में हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीएम योगी आपके बुजुर्ग अंग्रेजों के साथ छईयां-छईयां कर रहे थे और हम अपने सीनों को अंग्रेजों गोलियों के सामने छलनी कर रहे थे। योगी सरकार मदरसों को निशाना बनाकर उन्हें बंद कर रही है। उन्होंने ये भी कहा कि कानपुर में जिन मदरसों से अंग्रेजों के खिलाफ फतवे जारी हुए थे, आज योगी सरकार उन्हीं मदरसों को निशाना बना रही है।

 

 

 

 

ओवैसी ने ऐसी तरह से आजमगढ़ की एक रैली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि जब सैफई में मेडिकल कॉलेज बन सकता है, तो आजमगढ़ में क्यों नहीं बन सकता? सैफई में जहाज उतरने के लिए हवाई पट्टी बन सकती है तो आजमगढ़ में क्यों नहीं बन सकती?  

'आजतक सेक्युलरिजम के नाम पर ठगा'

उन्होंने कहा, 'मेरी आपसे विनती है कि तुमने आजादी के बाद से आजतक सेक्युलरिजम के नाम पर, जो कभी सच्चा सेक्युलरिजम नहीं था... आपने उनको वोट दिया। आखिर कबतक आप लोग उन लोगों पर भरोसा करेंगे? ये लोग आपके वोट लेकर आपकी बर्बादी के नजारे मजे से देखते हैं। आप लोग एक बार AIMIM का साथ दीजिए। हम सही मायने में सामाजिक इंसाफ के लिए काम करेंगे। हम मसलमानों के साथ में दलित और ओबीसी भाईयों को लेकर काम करेंगे। मगर याद रखो जिन पार्टी और नेताओं को झोली भरकर वोट दिया उन्होंने आपके लिए कुछ नहीं किया।'

 

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दूसरों के घर को रोशन करोगे?

ओवैसी ने आगे कहा, 'बीजेपी तो है... अगर बीजेपी को रोकना है तो क्या तुम अपने घर में दिया नहीं जलाओगे बताओ? क्या तुम अपने घर को विरान करके दूसरों के घर को रोशन करोगे? ये कौन सी लड़ाई का तरीका है... बताओ? अपने घर को रोधन करो फिर दुश्मन से मुकाबला करो। हम अपने घर को बरबाद करके कभी 'भईया' तो कभी भईया के पिता को जीबी पंत को तो कभी नेहरू को सबको पद दिया। बताओ तुमको क्या मिला?'

 

 

 

'हम जिंदा कौम हैं'

आगे असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी के मुस्लिम वोटरों से कहा, 'मेरी आपसे अपील है कि आप मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन को मजबूत रखिए। अपने वोट का इस्तेमाल करिए। डरने और घबराने की जरूरत नहीं है। लोग पूछेंगे समाजवादी थी तो क्या था? समाजवादी थी... वाई (Y) था! वाई (Y) का फायदा था। अब बाबा बन गए तो टी (T) का फायदा है।'

 

ओवैसी ने कहा, 'बताओ कि हम जिंदा कौम हैं और हम दरी नहीं बिछाएंगे इंशा अल्लाह तआला। क्या कानपुर की आवाम दरी बिछाएगी? अब दरी नहीं बिछाएंगे बाबा और भईया। अब तुमको दरी बिछाना पड़ेगा हमारे लिए इंशा अल्लाह तआला।'