कांग्रेस पार्टी अपने संगठन को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कई राज्यों में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं और नए लोगों को संगठन में जगह दी जा रही है। इसके साथ ही पार्टी अनुशासन को लेकर भी सख्त नजर आ रही है। पहले पार्टी में आलाकमान के फैसले के खिलाफ जाने वाले नेताओं को मनाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जाते थे। कई बार तो नेता दिल्ली में आलाकमान को झुकाकर अपने पक्ष में फैसला करवा लेते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब कांग्रेस पार्टी अलाकमान का डंडा चलाने की कोशिश कर रही और सभी नेताओं को आलाकमान के फैसलों को मानने के लिए कह रही है।
पंजाब और गोवा इस बात के ताजा उदाहरण हैं, जहां आलाकमान के फैसले का विरोध करने वाले नेताओं को या तो ज्यादा तरजीह नहीं दी गई या फिर उनके खिलाफ एक्शन लिया गया। हाल ही में इन दोनों राज्यों में संगठन को लेकर पार्टी आलाकमान ने बड़े फैसले लिए जिसके बाद राज्य में कुछ नेता नाराज हैं।
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गोवा में बवाल
गोवा कांग्रेस में इन दिनों नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर बवाल जारी है। कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में गिरीश चोडणकर को प्रदेश अध्यक्ष को नियुक्त किया है। उन्होंने अमित पाटकर की जगह यह जिम्मेदारी संभाली थी। अमित पाटकर का आरोप है कि आलाकमान ने उनसे चर्चा किए बिना इतना बड़ा फैसला ले लिया।
उनके समर्थक लगातार विरोध जता रहे हैं और संगठन में विरोध कम करने के लिए केसी वेणुगोपाल गोवा पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें भी विरोध का सामना करना पड़ा और विवाद कम होने के बजाय बढ़ गया। पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष वसीम खान ने वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में ही पार्टी पर अल्पसंख्यकों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। विवाद बढ़ने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और खुद केसी वेणुगोपाल उन्हें शांत करवाने की कोशिश करते हुए नजर आए।
कांग्रेस ने लिया एक्शन
गोवा कांग्रेस की पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर शमीला सिद्दीकी ने आलाकमान के फैसले पर सवाल उठाए तो पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा केसी वेणुगोपाल के प्रोग्राम में हंगामा करने वाले अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष वसीम खान को भी पार्टी ने सस्पेंड कर दिया। इससे पार्टी ने स्टेट यूनिट को साफ संदेश दिया है कि सभी नेताओं को अनुशासन में रहना होगा।
पंजाब में अलाकमान पर दबाव का दांव फेल
पंजाब कांग्रेस भी गुटबाजी का शिकार है। पूर्व सीएम चरनजीत सिंह चन्नी, राजा वडिंग को फिर से पंजाब का अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर नाराज हैं। उन्होंने अपने गुट के नेताओं के साथ मीटिंग कर शक्तिप्रदर्शन किया और आलाकमान पर फैसला बदलने का दबाव बनाया। हालांकि, पार्टी उनकी बात सुनने के लिए फिलहाल तैयार नहीं है। वह राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान से मिलना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उन्हें समय नहीं दिया। इसके बाद अब उन्हें प्रभारी भूपेश बघेल से मिलने के लिए कहा गया है। बघेल ने साफ कहा है कि अनुशासनहीनता बर्दाशत नहीं की जाएगी। congress party, punjab congress, goa congres, congress general secretary organisation, K. C. Venugopal, कांग्रेस पार्टी, राजनीति, कांग्रेस संगठन, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, पंजाब कांग्रेस, गोवा कांग्रेस,
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अनुशासन को लेकर साफ संदेश
कांग्रेस पार्टी ने सभी प्रभारियों को अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की प्रभारी रजनी पाटिल ने विधायकों और मंत्रियों से कहा है कि कोई भी पार्टी के खिलाफ कुछ ना बोले और सभी अनुशासन का पालन करें। कांग्रेस पार्टी में इसे एक बड़े बदलाव और नई कांग्रेस के रूप में देखा जा रहा है।
