हाल ही में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेता तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन का सनातन पर दिया बयान खूब चर्चा में आया था। उनके इस बयान पर बहस जारी ही थी कि सत्ताधारी तमिलागा वेट्री कड़गम (TVK) के एक विधायक वी एम एस मुस्तफा ने उदयनिधि स्टालिन का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा था कि वह भी सनातन को खत्म करने के लिएम मैदान में हैं। उनके इस बयान पर जब TVK पर सवाल उठने लगे तो वी एम मुस्तफा ने सफाई दी कि वह किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं TVK के वरिष्ठ नेता ने भी मामले को संभालते हुए कहा है कि उनकी पार्टी किसी धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि असमानता के खिलाफ है।

 

मधुर बदरुद्दीन उर्फ वी एम एस मुस्तफा मदुरै सेंट्रल विधानसभा सीट से टीवीके के विधायक हैं। गुरुवार को उन्होंने उदयनिधि स्टालिन के उस बयान का समर्थन कर दिया था जिसमें स्टालिन ने कहा था कि सनातन को खत्म कर दिया जाना चाहिए। चौतरफा आलोचना के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया।  VMS मुस्तफा ने कहा था, 'हम भी सनातन धर्म को खत्म करने के लिए मैदान में हैं।’ इसी को लेकर जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेताओं की ओर से उनकी और जोसेफ सी विजय के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की जाने लगी तो उन्होंने इस पर सफाई।

 

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अर्जुन ने भी दी सफाई

इसी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि टीवीके किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि असमानता का विरोध करती है। अर्जुन ने कहा, 'उदयनिधि स्टालिन को सनातन धर्म का ज्ञान नहीं है। TVK जाति व्यवस्था और धार्मिक व्यवस्थाओं के खिलाफ है। हम सभी धर्मों को समान मानते हैं। एक मंत्री के रूप में और अपने नेता (मुख्यमंत्री विजय) के नेतृत्व में, हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। टीवीके जाति व्यवस्था का विरोध करती है, हिंदू धर्म का नहीं। हम हिंदुओं के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि हिंदुत्व के खिलाफ हैं।'

 

उन्होंने आगे कहा, 'उत्तर में सनातन धर्म को अक्सर हिंदू धर्म के रूप में समझा जाता है जबकि दक्षिण में इसे असमानता से जोड़ा जाता है। हमारा मानना ​​है कि सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए और हम किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं।' उन्होंने कहा कि उदयनिधि भी जाति व्यवस्था के खिलाफ थे।

BJP ने उठाए सवाल

बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने आरोप लगाया कि किसी मुस्लिम व्यक्ति, विशेषकर निर्वाचित प्रतिनिधि का हिंदू धर्म के बारे में अपमानजनक बातें कहना और इसे समाप्त करने की उद्घोषणा करना धार्मिक सद्भाव को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाएगा। नारायणन तिरुपति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल किया, ‘सनातन धर्म की आलोचना करने वाले मुस्तफा क्या इस्लामी आस्था की आलोचना करने का साहस करेंगे? क्या वह ईसाई धर्म की आलोचना करने के लिए आगे आएंगे?’ बीजेपी नेता ने कहा कि सत्ता में होने मात्र से कुछ भी कहने का अधिकार रखने का विश्वास अहंकार को दर्शाता है।

 

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उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री विजय ने अब तक विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए भाषण या टीवीके विधायक मुस्तफा की टिप्पणियों की निंदा नहीं की है। एक मुख्यमंत्री सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, उसके लिए बहुसंख्यक समुदाय की जीवनशैली की आलोचना की निंदा न करना उनके उच्च पद के अनुरूप नहीं है।’ तिरुपति ने कहा कि सनातन धर्म ‘जीवंत और शाश्वत’ है। उन्होंने कहा, ‘इसे अतीत में किसी ने भी नष्ट या मिटाया नहीं है, न ही आज कोई जीवित व्यक्ति ऐसा करने में सक्षम है और न ही भविष्य में जन्म लेने वाला कोई व्यक्ति इसे नष्ट कर पाएगा।’

 

बता दें कि मुस्तफा ने 12 मई को उदयनिधि स्टालिन की सनातन मिटा देने वाली टिप्पणी के बारे में कहा था, ‘हम टीवीके में पेरियार ई.वी. रामासामी और बी.आर. आंबेडकर की विचारधाराओं का अनुसरण करते हैं और हम सनातन धर्म का विरोध करते हैं।’ मुस्तफा ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया कि हम किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं।