शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को चुनौती दी है कि वे बिना टेलीप्रॉप्टर पढ़े वंदे मातरम के 6 छंद गाकर दिखा दें। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी सिर्फ हिंदू-मुस्लिमों को लड़ाने के मकसद से इसके 6 अंतरों पर जोर दे रही है, जिनकी स्वीकृति ही पहले नहीं थी। उन्होंने कहा कि गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर से ज्यादा बड़ा खुद को बीजेपी मान रही है। 

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि उनकी पार्टी 1937 में हुई कांग्रेस बैठक में लिए गए फैसले का पालन करती है, सिर्फ वंदे मातरम के दो अंतरों को ही गाए जाने की स्वीकृति देगी। कांग्रेस का तर्क है कि साल 1950 में संविधान सभा ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया था, इसमें 6 अंतरे हैं। 

यह भी पढ़ें: सोनिया गांधी ने वंदे मातरम गाने से रोका? BJP के आरोप पर कांग्रेस ने दिया जवाब

संजय राउत ने क्या चुनौती दी है?

संजय राउत ने कहा है, '2 छंद ही संविधान ने स्वीकार किया है। देश के स्वतंत्रता संग्राम से पहले कांग्रेस वर्किंग समिति के सामने गुरुदेव रबींद्र नाथ टैगोर ने स्वीकृति दी थी। बीजेपी सिर्फ हिंदू-मुसलमान करना चाहती है।'

 

 

संजय राउत, नेता, शिवसेना (UBT):-
पागल हैं बीजेपी वाले। पगला गए हैं। उनको देश का संविधान मालूम नहीं, वंदे मारतम नहीं। जो 6 छंद हैं, वंदे मातरम के, वह अमित शाह और मोदी गाकर दिखाएंगे बिना टेलीप्रॉम्पटर के तो अच्छा रहेगा।

हंगामा क्यों बरपा है?

15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम के दौरान कांग्रेस नेता इधर-उधर बातचीत करते नजर आए थे। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी , सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने गीत रुकवाने की कोशिश की थी। अब स पर हंगामा हो रहा है। 

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के रुख पर क्या कहा है?

यह भी पढ़ें: 'चाहे गोली मारो, नहीं गाएंगे पूरा वंदे मातरम', सांसद के दावे पर फंसी कांग्रेस

अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री:-
कल कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देश विरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के प्रस्ताव को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है। मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंततोगत्वा देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ।

 

 

'ऐतिहासिक गलती दोहरा रही कांग्रेस'

अमित शाह ने कहा, 'आज जब उस ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम् गीत के प्राकट्य के 150वें साल में सुधार कर बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है, और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया गया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है।'

अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री:-
आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के प्रस्ताव को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है।

'कांग्रेस ने लाखों शहीदों का अपमान किया'

अमित शाह ने कहा, 'इसी की अवहेलना करने का निर्णय कांग्रेस ने कल किया है। कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के लिए इन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर कृति का अपमान किया, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया, जो वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए।'