बिहार के पटना में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने वैश्य समाज को लेकर दावा किया था। दावे के मुताबिक वैश्य समाज ने सदियों से राष्ट्र निर्माण में खास योगदान दिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि वैश्य समाज के लोगों ने अपनी मेहनत से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। संजय ने यह बयान पटना के एक कार्यक्रम में दिया था, जो इस समय सुर्खियां बटोर रहा है।
संजय सरावगी 26 मई के दिन वैश्य चेतना चैरिटेबल ट्रस्ट के एक समारोह में गए थे, जहां उन्होंने वैश्य समाज को लेकर खास बातें कही थीं। संजय ने कहा कि वैश्य समाज केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और आर्थिक विकास को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि समाज की मेहनत और ईमानदारी ने हमेशा देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है।
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उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
पटना स्थित वैश्य चेतना चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में संजय सरावगी ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार हर वर्ग के सम्मान और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। वहीं सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योग, व्यापार, रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
इसके अलावा संजय ने कहा कि बीजेपी की राजनीति का मूल मंत्र साफ है, जो 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' पर आधारित है। वैश्य समाज ने हमेशा सेवा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता को प्राथमिकता दी है और समाज को जोड़ने का काम किया है।
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वैश्य समाज का आर्थिक और सामाजिक योगदान
समारोह में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक योगदान पर चर्चा की गई। अन्य वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए समाज को जागरूक बनाना जरूरी है। वहीं संजय सरावगी ने ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र साहू के नेतृत्व में किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता, एकता और आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करते हैं।
इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के कई नेता शामिल थे। इनमें भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल, श्रम संसाधन एवं युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद शामिल थे। इनके अलावा पर्यावरण एवं वन मंत्री रामचंद्र प्रसाद, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता और पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता भी मौजूद थे।
