तृणमूल कांग्रेस (TMC) का विद्रोह थम नहीं रहा है। सोमवार को बागी विधायकों ने कोलकाता के एक निजी होटल में बैठक की और अरूप रॉय को नई पार्टी का चेयरपर्सन बना दिया। विद्रोहियों का नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अब वे ही असली टीएमसी हैं और ममता बनर्जी को पार्टी चेयरपर्सन पद से हटा दिया गया है।

ऋतब्रत बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने पार्टी संविधान के अनुसार सब कुछ किया है। उन्होंने कहा, 'हम दीदी को अपना मुख्य सलाहकार बनाना चाहते हैं।' बैठक में 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति भी बनाई गई, जिसमें चार उपाध्यक्ष और चार महासचिव शामिल हैं।

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नई कार्यसमिति में कौन-कौन है शामिल?

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक विद्रोही नेताओं ने अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना गया है। अरूप बिस्वास, सबिना यासमीन, रथिन घोष और फिरहाद हाकिम को उपाध्यक्ष बनाया गया। जावेद खान, संदीपन साहा, रितब्रत बनर्जी और बिप्लब मित्रा को महासचिव बनाया गया। 

बैठक से नदारद रहीं ममता बनर्जी की तस्वीरें 

बैठक में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की तस्वीरें नहीं लगाई गईं। ममता बनर्जी के वफादार नेताओं ने इस फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने कहा कि पार्टी का संविधान है और ममता बनर्जी ही पार्टी की चेयरपर्सन हैं। उन्होंने कहा कि विद्रोही ऐसा कुछ नहीं कर सकते।

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कैसे शुरू हुए ममता बनर्जी के बुरे दिन?

3 जून को करीब 60 टीएमसी विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नया नेता चुन लिया था। अब लोकसभा सांसदों में भी विद्रोह फैल गया है। विद्रोही विधायक दावा कर रहे हैं कि वे चुनाव आयोग को अपनी जानकारी देंगे और पूरे संगठन का गठन करेंगे।