FIFA वर्ल्ड कप 2026 के दोनों फाइनलिस्ट का नाम अब तय हो गया है। स्पेन के बाद अर्जेंटीना ने भी फाइनल में जगह बना ली है और अब उसका मुकाबला 19 जुलाई को खिताबी जीत के लिए होगा। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में अर्जेंटीना ने अपने कप्तान लियोनल मेसी के शानदार खेल की मदद से जीत हासिल की। अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार फाइनल में अपनी जगह बनाई है। दूसरी तरफ स्पेन जबरदस्त फार्म में है और उसके खिलाफ सिर्फ एक ही टीम गोल कर पाई है। अपने शानदार डिफेंस की बदौलत स्पेन को खिताब का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
अर्जेंटीना के कप्तान मेसी ने पहले हाफ में जूझने के बाद दूसरे हाफ के अंतिम लम्हों में अपना जलवा बिखेरा और दो गोल करने में मदद की, जिससे पिछली बार के चैंपियन अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत दर्ज की। अर्जेंटीना अब 1958 और 1962 में ब्राजील के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनने का प्रयास करेगा। बता दें कि लियोनल मेसी ने पहले हाफ में विरोधी खिलाड़ियों को 15 बार गेंद गंवाई जो किसी बड़े टूर्नामेंट में 2018 से उनका सबसे खराब प्रदर्शन है लेकिन बेहद दबाव के बीच मैच के अंतिम लम्हों में उन्होंने दिखाया कि आखिर क्यों उन्हें दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है।
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पहले एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में मेसी के पास को गोल में बदलकर अर्जेंटीना को बराबरी दिलाई जबकि सात मिनट बाद रिप्लेसमेंट कै तौर पर आए खिलाड़ी लॉटेरो मार्टिनेज (90 प्लस दो मिनट) ने अपने कप्तान के क्रॉस पर हेडर से गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की। इंग्लैंड को इससे पहले 55वें मिनट में एंथोनी गोर्डन ने बढ़त दिलाई थी। तीसरे स्थान के प्ले ऑफ में इंग्लैंड का सामना फ्रांस से होगा जिसे स्पेन ने पहले सेमीफाइनल में मंगलवार को 2-0 से हराया था। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विताओं में से एक का हिस्सा अर्जेंटीना और इंग्लैंड ने अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। अर्जेंटीना ने विश्व कप में अपने अजेय रहने के क्रम को 13 मैच तक पहुंचा दिया है। बता दें कि इन दोनों टीम के बीच यह छठा मुकाबला था। दोनों टीम ने तीन-तीन मैच जीते हैं। विश्व कप में दोनों टीम के बीच हुए पांच मुकाबलों में अर्जेंटीना 3-2 से आगे हो गया है।
कैसा रहा मैच?
पहले हाफ में अधिकांश समय दोनों टीमें जूझती नजर आईं जिससे दोनों ही गोलकीपर को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। दोनों टीम ने मिलकर ब्रेक से पहले 19 फाउल किए जबकि गोल पर कोई शॉट नहीं मारा। इंग्लैंड ने सेमीफाइनल के लिए अपनी शुरुआती एकादश में तीन बदलाव किए। मैनेजर थॉमस ट्यूशेल ने रीस जेम्स और जेड स्पेंस को जगह दी जबकि विंगर के तौर पर नोनी माडुके की जगह मोर्गन रोजर्स ने ली। अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने भी एक बदलाव करते हुए रोड्रिगो डि पॉल की जगह जूलियानो सिमियोन को मौका दिया।
दोनों टीमों ने आक्रामक शुरुआत की लेकिन साथ ही सतर्क रवैया भी अपनाया जिससे शुरुआती 12 मिनट में आठ फाउल हुए लेकिन गोल की तरफ एक भी शॉट नहीं लगा। अर्जेंटीना ने इसमें से पांच जबकि इंग्लैंड ने तीन फाउल किए। अर्जेंटीना की टीम भाग्यशाली रही कि उसके खिलाड़ियों के रफ खेल के बावजूद शुरुआती 30 मिनट में उसके किसी खिलाड़ी को पीला कार्ड नहीं दिखाया गया। एंजो फर्नांडीज ने चौथे मिनट में इलियट एंडरसन और फिर 32वें मिनट में टीम के पेनल्टी एरिया में ज्यूड बेलिंघम के खिलाफ फाउल किया लेकिन अमेरिकी रैफरी इस्माइल एलफेथ ने उन्हें पीला कार्ड नहीं दिखाया। अर्जेंटीना के खिलाड़ी के फाउल पर इंग्लैंड को 37वे मिनट में फ्री किक मिली। जेम्स ने इसे बाईं तरफ से गोल की तरफ पहुंचाने की कोशिश की लेकिन गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने आसानी से खतरे को टाल दिया।
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फाउल की लाइन लग गई
कप्तान हैरी केन और गोर्डन ने मेसी के खिलाफ जानबूझकर फाउल करने की कोशिश की लेकिन अर्जेंटीना के दिग्गज के खिलाफ टैकल फाउल किया एंडरसन ने जिसके लिए उन्हें 38वें मिनट में मैच का पहला पीला कार्ड दिखाया गया। रैफरी एलफेथ ने 42वें मिनट में मोर्गन रोजर्स को खींचने के लिए अर्जेंटीना के लिसांड्रो मार्टिनेज को भी पीला कार्ड दिखाया। बेलिंघम ने इस बीच स्पेंस के पास पर गेंद को आगे बढ़ाया लेकिन अर्जेंटीना की डिफेंस लाइन ने उनके प्रयास को आसानी से विफल कर दिया। अर्जेंटीना ने दूसरे हाफ में तेज शुरुआत की। जूलियन अल्वारेज ने शुरुआती दो मिनट में ही इंग्लैंड के डिफेंस को दो बार परेशान किया लेकिन गोलकीपर जोर्डन पिकफोर्ड ने उनके हमलों को नाकाम कर दिया।
बेलिंघम के खिलाफ फाउल करने के लिए 51वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो को पीला कार्ड दिखाया गया। दोनों सेंटर बैक को पीला कार्ड दिखाए जाने के बाद अर्जेंटीना की टीम थोड़ी सतर्क नजर आई जिसका फायदा इंग्लैंड ने उठाया। कप्तान केन ने 55वें मिनट में शानदार मूव बनाया। उन्होंने गेंद को डेकलन राइस की ओर बढ़ाया जिन्होंने रोजर्स को दाईं ओर से पास दिया। रोजर्स ने दाएं पैर से एक शानदार क्रॉस बॉक्स में पहुंचाया और गोर्डन ने एमिलियानो को पछाड़ते हुए गेंद को गोल में डाल दिया। तीन मिनट बाद अर्जेंटीना ने पलटवार करते हुए शानदार मूव बनाया लेकिन स्पेंस ने इंग्लैंड के पेनल्टी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे सिमियोन को स्लाइडिंग टैकल करके रोक दिया। दोनों टीम ने इस बीच तेजी दिखाते हुए कुछ मूव बनाए लेकिन सफलता नहीं मिली। राइस के कमजोर प्रयास को इस बीच एमिलियानो ने आसानी से रोका जबकि केन के 30 यार्ड की दूरी से लगाए शॉट को भी अर्जेंटीना के डिफेंस ने नाकाम कर दिया।
बदलावों का दिखा असर
अर्जेंटीना ने 64वें मिनट में बदलाव करते हुए लिएंड्रो पेरेडेस की जगह निको गोंजालेज को मैदान में उतारा और उन्होंने तुरंत अपनी छाप छोड़ने का प्रयास किया। मेसी ने 69वें मिनट में पेनल्टी एरिया के बीच में एक शानदार क्रॉस दिया और गोंजालेज ने उसे हेडर से निचले कोने की तरफ भेजा लेकिन पिकफोर्ड ने गोल लाइन पर गोता लगाते हुए उसे रोक दिया। अर्जेंटीना ने तेजी बनाए रखने के लिए सिमियोन, नेहुएल मोलिना और लिसांड्रो मार्टिनेज की जगह रोड्रिगो डि पॉल, गोंजालो मोंटिएल और निकोलस ओटामेंडी को मैदान में उतारा जबकि इंग्लैंड ने गोर्डन को बाहर करके एजरी कोन्सा को अंदर बुलाया।
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अर्जेंटीना को इस बीच बराबरी हासिल करने का सुनहरा मौका मिला लेकिन एलेक्सिस मैक एलिस्टर का हैडर गोल पोस्ट से टकरा गया। अर्जेंटीना के लगातार हमलों से बने दबाव के बीच इंग्लैंड की डिफेंस लाइन बिखरी हुई नजर आने लगी। अर्जेंटीना को लगातार हमलों का फायदा 85वें मिनट में मिला जब मेसी के पास पर फर्नांडीज ने गोल दागा। मेसी ने फर्नांडीज को पास दिया। इंग्लैंड के सभी डिफेंडर पेनल्टी क्षेत्र के अंदर थे लेकिन चेल्सी के मिडफील्डर ने पिकफोर्ड को छकाते हुए शानदार शॉट मारा और अर्जेंटीना को बराबरी दिला दी। पिकफोर्ड ने इससे कुछ ही सेकंड पहले फर्नांडीज को गोल करने से रोका था।
जब लग रहा था कि मैच अतिरिक्त समय में खिंचेगा तब मेसी ने एक बार फिर अपने पैरों को जादू बिखेरा। इस 39 साल के खिलाड़ी ने इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में दाईं छोर से एक शानदार क्रॉस दिया और वह भी अपने उस पैर से जिसे कमजोर माना जाता है। मार्टिनेज ने गोलमुख के समीप जबरदस्त हैडर लगाकर गेंद को गोल में पहुंचाकर स्टेडियम में मौजूदा दर्शकों को रोमांचित कर दिया और अर्जेंटीना की जीत सुनिश्चित की।
